आयरलैंड में बेलफास्ट में एक सूडानी युवक द्वारा स्टीफन का सरेराह गला रेते जाने की घटना अभी पुरानी नहीं हुई है, और अभी भी वहाँ पर दंगे हो रहे हैं। हिंसा जारी है और आम लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि शरणार्थियों पर नजर रखी जाए। लोगों का कहना है कि आखिर कब तक आम लोग राजनेताओं की राजनीति का शिकार होते रहेंगे।
जहां राजनेता वहाँ पर इस गुस्से को सोशल मीडिया का परिणाम बता रहे हैं तो वहीं ऐसी तमाम घटनाएं और सामने आ रही हैं, जिन्हें मीडिया ने दबाकर रखा या फिर कहें कि चर्चा कम हुई और अब लोगों को लग रहा है कि कब से ऐसी घटनाएं हो रही हैं, मगर सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं।
इटली में भी एक महिला का काटा गया था गला
एक और सिर काटे जाने की घटना इटली से आई है। यह घटना फरवरी 2026 की है जिसमें इटली के अधिकारियों ने एक 30 वर्षीय मोरक्को के नागरिक को एक जर्मनी की महिला की निर्मम हत्या के संबंध में गिरफ्तार किया था। वह फ्लोरेंस के उपनगर स्कैंडिची की रहने वाली थी। 44 वर्षीय इस महिला का नया सिल्की सोएर था और उसका क्षतविक्षत शव एक एकांत इमारत में पड़ा मिला था।
हालांकि अभी आयरलैंड और इटली दोनों की घटनाओं के बाद यह घटना एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। जहां इस घटना को लेकर शरणार्थी समर्थकों का कहना है कि यह पुरानी घटना है और इसे जानबूझकर प्रोपोगैंडा के रूप में उछाला जा रहा है, तो वहीं इटली की मीडिया का रवैया इस विषय में आपराधिक दृष्टिकोण लिए है। उसके अनुसार यह घटना किसी आतंक की घटना नहीं है, बल्कि यह उस जगह के बुरे होने और हमलावर इससाम की ड्रग्स लेने की आदत से संबंधित है।
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मगर सोशल मीडिया पर यह बहस चल रही है कि आखिर सिर क्यों काटा गया? सिर काटे जाने को लेकर बवाल है। वैसे तो पूरे यूरोप में इन दिनों शरणार्थियों को लेकर हो रही हिंसा को लेकर मामला गरमाया हुआ है और लोग अपने अपने देश के राजनेताओ से प्रश्न पूछ रहे हैं और इन नीतियों पर पुनर्विचार की मांग भी कर रहे हैं, मगर लेफ्ट नेता इस मामले में कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। सोशल मीडिया इटली की इस घटना से भरा हुआ है और इसे वे आज की खबर बता रहे हैं, मगर यह फरवरी की खबर है।
स्पेन में मई में महिला का गला सरेआम काटा था
स्पेन में बार्सिलोना की भी एक खबर वायरल है, जिसमें एक 41 वर्षीय महिला का गला रेतकर मार डाला गया था। हालांकि पुलिस ने न ही हमलावर और न ही मरने वाली महिला की पहचान की पुष्टि की थी। फिर भी सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि हमलावर उत्तर अफ्रीकी मूल का व्यक्ति था।
इसके साथ ही एक्स पर खबर वायरल हो रही है कि फ्रांस से एक महिला का सिर कटा हुआ शव मिला है। उसकी जांच अभी चल रही है।
इंग्लैंड में 17 वर्षीय लड़की के गले में चाकू से वार
इंग्लैंड में बर्नले से भी चौंकाने वाला फुटेज सामने आया है, जिसमें 12 जून को एक 17 वर्षीय लड़की को दिन में खुलेआम गले पर चाकू मारा। लड़की अभी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने हालांकि हमलावर को हिरासत में ले लिया है, मगर उसकी पहचान अभी जाहिर नहीं की है। जो वीडियो है, वह भयावह है। उसमे साफ दिख रहा है कि बच्ची जा रही है और एक आदमी पीछे से आता है और उसके गले पर वार करने लगता है। लड़की की किस्मत अच्छी थी कि वह भागने में सफल हुई।
शरणार्थियों के हमले भयावह
महिलाओं पर शरणार्थियों द्वारा हमले की कई घटनाएं हुई हैं और कई लोग घायल हुए तो कई मारे गए हैं। चाकू से हमले लगातार बढ़े हैं, हाँ, गला काटने वाली घटनाएं ये ही सामने आई हैं। मगर यह भी सच है कि केवल गला काटने वाला बिन्दु अभी आया है, मगर चाकू से लोगों पर हमले तो कई वर्षों से जारी हैं, जैसे कि जर्मनी में 23 अगस्त 2024 को 26 वर्षीय सीरियाई शरण चाहने वाले का फेस्टिवल ऑफ डाइवर्सिटी के दौरान हमला, जिसमें 2 पुरुष और एक महिला मारे गए थे। हमलावर ने जानबूझकर पीड़ितों के गले पर ताबड़तोड़ वार किये थे और इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी।
जर्मनी में ही 2025 में एक 28 साल के शरण चाहने वाले अफगानी व्यक्ति ने लोगों पर चाहू से हमला कर दिया था और इसमें 2 लोग मारे गए थे। बर्लिन में फरवरी 2025 में बर्लिन हालकॉस्ट मेमोरियल एरिया में स्पेनिश पर्यटक के गले पर 20 साल के सीरियाई शरणार्थी ने हमला किया था और गले पर 14 सेमी गहरा कट किया था। ऐसा दावा किया जाता है कि हमलावर ने मजहबी नारा लगाया था।
मीडिया अक्सर नाइफ अटैक कहता है, मगर मूल कारण पर बात नहीं करता
यह भी बात सच है कि जहां एक तरफ यूरोप में चाकू से हमलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, मगर यह भए सच है कि मीडिया इन्हें सही से कवर नहीं करता है। मुख्यधारा का मीडिया अक्सर इन हमलों को नाइफ अटैक या फिर मानसिक अवसाद से पीड़ित व्यक्ति के अपराधों के रूप में वर्णित करती है, जबकि एक्स पर यह देखा जा सकता है कि कैसे जिंदा बचे हुए पीड़ित वीडियो या अन्य विवरण साझा करते हैं।











