अयोध्या धाम। भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और रामभक्तों की सुविधा के लिए योगी सरकार निरंतर बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख ऐतिहासिक आश्रमों का व्यापक विकास और सुदृढ़ीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
पर्यटन विभाग की इस विशेष पहल के अंतर्गत 20.64 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से इन आश्रमों को सर्वआधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
इस परियोजना के पूरे होने से अब लंबी परिक्रमा पर निकलने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहराव, सात्विक खान-पान और शुद्ध पेयजल की उत्तम व्यवस्था सुलभ हो सकेगी।
आंकड़ों में समझिए विकास परियोजना का पूरा खाका
इस पूरी विकास परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारा गया है। प्रोजेक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण सांख्यिकीय और प्रशासनिक विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट हैं:
| परियोजना का मुख्य आयाम | प्रामाणिक प्रशासनिक विवरण |
|---|---|
| कुल स्वीकृत बजट | 20.64 करोड़ रुपये |
| कार्य प्रारंभ होने की तिथि | 30 मई 2023 |
| कार्यदायी संस्था (Executing Agency) | उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) |
| परियोजना प्रबंधक (UPPCL अयोध्या) | मनोज शर्मा |
| कालेकल्प किए गए 6 प्रमुख आश्रम | 1. श्रवण कुमार आश्रम, 2. आस्तिक आश्रम, 3. ऋषि च्यवन आश्रम, 4. मेधा ऋषि आश्रम, 5. श्री बन्धू बाबा आश्रम, 6. महर्षि बामदेव आश्रम |
आस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह परियोजना आस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अद्भुत उदाहरण बनकर उभरी है। जिन आश्रमों में पहले बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी देखी जाती थी, वहां अब पर्यटन विभाग ने कायाकल्प कर दिया है।
आश्रमों में विकसित की गईं मुख्य जन-सुविधाएं:
- विश्राम गृह और शौचालय: यात्रियों के आरामदायक ठहराव के लिए आधुनिक विश्राम गृह और स्वच्छता के उच्च मानकों पर आधारित स्वच्छ शौचालयों का निर्माण किया गया है।
- शुद्ध पेयजल और खान-पान: शुद्ध पेयजल प्रणालियों के साथ-साथ स्थानीय और सात्विक भोजन सुनिश्चित करने के लिए विशेष खान-पान की दुकानें तैयार की गई हैं।
- सौंदर्यीकरण और स्थापत्य: सभी ६ पावन स्थलों पर भव्य प्रवेश द्वार, मजबूत और कलात्मक स्तंभ तथा आकर्षक साइनेज (Signages) लगाए गए हैं।
- सीटिंग इंटरप्रिटेशन वॉल: परिसर में बैठने की आरामदायक व्यवस्था के साथ-साथ विशेष इंटरप्रिटेशन वॉल बनाई गई है। इसके माध्यम से यहां आने वाले भक्तों को इन पावन स्थलों के पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की प्रामाणिक जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
“परियोजना को निर्धारित मानकों के अनुसार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। नवनिर्मित सभी संरचनाएं पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly) और पर्यटक-अनुकूल हैं, जो श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और यादगार बनाएंगी।” – मनोज शर्मा, परियोजना प्रबंधक, यूपीपीसीएल (अयोध्या)
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई गति, स्थानीय अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या धाम पहले से ही भव्य राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, नया घाट और अन्य पावन स्थलों के कारण वैश्विक स्तर पर श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। अब चौरासी कोसी यात्रा पथ का यह सुनियोजित विकास इन आश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाएगा, जिससे लंबी परिक्रमा के दौरान थके हुए यात्रियों को संबल मिलेगा।
यह इंफ्रास्ट्रक्चर विकास न केवल श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। आश्रमों के आसपास पर्यटन बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों, गाइडों, हस्तशिल्पियों और आम नागरिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रामलला की नगरी में आ रहे भक्तों का भी कहना है कि अब आस्था के साथ-साथ बेहतरीन नागरिक सुविधाएं भी जुड़ गई हैं, जिससे अयोध्या धाम की यात्रा का उत्साह और अधिक बढ़ गया है।











