
मौलाना सज्जाद नोमानी
हाल ही में एक सभा में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने हिन्दुओं के प्रति अपनी नजरिया उजागर कर दिया है। नोमानी अपने विचारों से क्या हिन्दुओं को जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटना चाहते हैं।
मौलाना सज्जाद नोमानी ने ने एक बैठक में कहा कि अब भारत में हिंदू बहुतायत में नहीं हैं। नोमानी के अनुसार कई जातियां खुद को हिंदू नहीं मानतीं हैं।
नोमानी कहते हैं कि जाट, लिंगायत सहित कई अन्य अपने को हिन्दू नहीं मानतीं हैं। उन्होंने सिख, बौद्ध, अनुसूचित जाति-जनजाति और आदिवासियों को भी हिन्दू धर्म से बाहर का बताया है। क्षेत्रवाद को बढ़ावा देते हुए कहा कि तमिलनाडु के लोग भी हिन्दू नहीं हैं।
अगर ऐसी ही बातें कोई मुसलमानों के बारे में बोल देता तो लिबरल जमात आसमान सिर पर उठा लेती कि मुस्लिम देश में हिन्दुओं के निशाने पर हैं, लेकिन इस जमात को सांप सूंघ गया है और वह चुप हो गई है।
सज्जाद नोमानी ने अपने बोर्ड की हिन्दुओं के बारे के भ्रामक और विरोधी सोच को सार्वजनकि कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं सेक्युलर हिंदुओं से निराश हूं। वे हिंदुओं को फासिस्ट और सेक्युलर में बांटने की कोशिश कर रहे हैं। मुस्लिम समुदाय से कहा कि हमें हिंदू कम्युनिटी को बांटने का कोई और तरीका ढूंढना होगा।
हिन्दू समाज को सज्जाद नोमानी और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इस तरह के मंसूबे से बचकर रहने की जरूरत है। जाति और क्षेत्रवाद से अलग देश की एकता, अखंडता को बनाये रखते हुए देश के विकास के लिए काम करना होगा। कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल सहित तमाम दलों को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस मुद्दे पर अपने विचार खुलकर रखने चाहिए।