उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के नेटवर्क से जुड़े 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मोहम्मद उमर और फैजान के रूप में हुई है। उन्हें बुलंदशहर से दबोचा गया। इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी संलिप्तता है।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को सूचना मिल रही थी कि शहजाद भट्टी एवं आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्लीपर सेल बनाने व आतंकी गतिविधियों के लिए भारतीय युवाओं को भ्रमित कर एवं आर्थिक लाभ का प्रलोभन देकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। वे देश में सामाजिक सौहार्द, एकता, अखंडता, संप्रभुता एवं सुरक्षा को क्षति पहुँचाने व आतंकी गतिविधियों के लिए उकसा रहे हैं।
इसी क्रम में एटीएस उत्तर प्रदेश द्वारा 2 अभियुक्त – मोहम्मद उमर और फैजान को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों व्हाट्सएप व इन्स्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट, हम्माद बरकाती व राणा हुनैन से जुड़कर देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे। ये दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के निर्देश पर आबिद जट्ट के फोटो विभिन्न स्थानों पर चस्पाकर भय एवं आतंक का माहौल पैदा करना चाहते थे। इन लोगो को आर्थिक प्रलोभन के बदले विभिन्न संवेदनशील स्थलो की रेकी करने का टास्क भी दिया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने बुलंदशहर मे कई जगहों पर पकिस्तानी डॉन आबिद जट्ट लिखा था। उसका वीडियो भी बनाकर भेजा गया था, जिसके एवज में इन्हे 12,000 रुपए मिलने थे। इन लोगो को आर्मी कैट लखनऊ व एयरफोर्स स्टेशन बमरौली की रेकी करने का भी टास्क दिया गया था, जिसके बदले में इन्हें 10 हजार रुपए देने की बात भी कही गयी थी। इनके पास से आबिद जट्ट के पोस्टर लगाते हुए वीडियोज, आबिद जट्ट के पोस्टर्स एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।
यूपी एटीएस द्वारा बुलंदशहर से इनकी गिरफ्तारी की गयी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान कार्यवाही से पूर्व इस प्रकरण में 5 अभियोग पंजीकृत कर 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोशल मीडिया के जरिये तैयार कर रहे थे स्लीपर सेल
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था में अमिताभ यश ने बताया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी एवं आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एटीएस ने जनपद बुलन्दशहर से इस नेटवर्क से जुड़े 2 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त सोशल मीडिया के माध्यम से स्लीपर सेल तैयार करने, भय एवं आतंक का माहौल उत्पन्न करने तथा संवेदनशील स्थलों की रेकी जैसी गतिविधियों में संलिप्त थे।

















