हरिद्वार में रचा गया इतिहास: स्थापित हुआ 5,211 किलो वजनी विश्व का सबसे विशाल पारद शिवलिंग
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हरिद्वार में रचा गया इतिहास: स्थापित हुआ 5,211 किलो वजनी विश्व का सबसे विशाल पारद शिवलिंग

हरिद्वार के श्री साई शिव गंगा धाम में 5,211 किलोग्राम वजनी विश्व के सबसे विशाल पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा पूरी हो गई। 10 वर्ष की साधना, 108 जड़ी-बूटियों और पारद विज्ञान से निर्मित यह दिव्य शिवलिंग शंकराचार्य व देश के प्रमुख संतों की उपस्थिति में स्थापित।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jun 18, 2026, 10:48 am IST
inउत्तराखंड
Parad Shivling Haridwar

हरिद्वार: देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक आध्यात्मिक अध्याय जुड़ गया है।
हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में विश्व के सबसे विशाल 5,211 किलोग्राम वजनी पारद शिवलिंग (Mercury Shivling) की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि पूरी श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और दिव्य वातावरण के बीच सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई है।

इस महा-आयोजन में देश के कोने-कोने से आए 2,000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, सिद्ध संतों और विशिष्ट हस्तियों ने हिस्सा लेकर इस आलौकिक पल का पुण्य लाभ उठाया। यह पूरा भव्य आयोजन गुरु गोरक्षनाथ महाराज की परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के दिव्य मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

10 वर्षों की कठिन साधना और जड़ी-बूटियों के अर्क से हुआ निर्माण

इस अनूठे और चमत्कारी पारद शिवलिंग के पीछे वर्षों की कठिन तपस्या और विज्ञान का अनूठा संगम है:

10 साल का कड़ा शोध: ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी द्वारा लगभग 10 वर्षों की लंबी साधना, गहन अनुसंधान और पारद विज्ञान (Alchemy) के बारीकी से अध्ययन के बाद इस विशाल शिवलिंग को आकार दिया गया है।

दिव्य सामग्रियां: इसके निर्माण में शुद्ध पारा (Mercury), चांदी, स्वर्ण (Gold) तथा 108 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों के अर्क का विशेष रूप से उपयोग किया गया है।

ऊर्जा का केंद्र: रघुनाथ गुरुजी के अनुसार, यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह तीव्र सकारात्मक ऊर्जा, गहरे ध्यान और मानव चेतना के जागरण का एक बड़ा वैश्विक माध्यम बनेगा।

महाकुंभ जैसा नजारा: शंकराचार्य समेत जुटे देश के शीर्ष संत और वीआईपी

इस महा-उत्सव में सनातन धर्म के शीर्ष नेतृत्व और देश की जानी-मानी राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज, स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज और साध्वी ऋतंभरा जी जैसी महान आध्यात्मिक विभूतियां मंच पर मौजूद रहीं।

विशिष्ट अतिथि: विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक श्री दिनेश चंद्र जी, हिम्स (HIIMS) के आचार्य मनीष जी, सांसद राघव चड्ढा, गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और राज्य सरकार के मंत्रियों सहित कई गणमान्य लोग इस पावन पल के गवाह बने।

इसे भी पढ़ें: हरिद्वार: संत समाज ने अयोध्या राम मंदिर चंदे हेराफेरी में चंपत राय को दिया क्लीन चिट, विपक्ष की साजिश बताया

उद्योगपति राजीव बंसल ने संभाली व्यवस्थाएं, सामाजिक सरोकार भी जुड़ा

इस भव्य और विशाल आयोजन को सुव्यवस्थित व सफल बनाने में मशहूर उद्योगपति एवं समाजसेवी राजीव बंसल की भूमिका सबसे उल्लेखनीय रही। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर दिन-रात व्यवस्थाओं और समन्वय का जिम्मा संभाला। समापन पर गुरुजी ने विशेष रूप से राजीव बंसल, आदरणीय दादाश्री, मनोज तोषनीवाल परिवार और अन्य सभी सहयोगियों के योगदान को सराहा।

सिर्फ अध्यात्म नहीं, समाजसेवा भी: ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी का यह अभियान सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। वे दिव्यांग आत्मनिर्भरता (DICCAI के माध्यम से), महिला किसान सशक्तिकरण और पर्यावरण जागरूकता जैसे बड़े सामाजिक कार्यों को भी धरातल पर चला रहे हैं।

Topics: पारद शिवलिंग हरिद्वारविश्व का सबसे भारी पारद शिवलिंगपारद शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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