चंडीगढ़। नशे में डूबती जा रही एक पीढ़ी किस तरह अपना विवेक खोकर देशविरोधियों के हाथों की कठपुतली बन रही है। इसका उदाहरण है बठिंडा का जासूसी प्रकरण। जासूसी कैमरा मामले की जांच में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अशोक नशे का आदी था और चिट्टे की लत के चलते वह कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में आया।
सूत्रों के अनुसार मामले के मास्टरमाइंड ने सबसे पहले अशोक को अपने साथ जोड़ा। आरोप है कि उसने अशोक को चिट्टे की एक पुड़िया देकर उसके नाम पर सिम कार्ड हासिल किया। इसी सिम कार्ड का इस्तेमाल कथित तौर पर जासूसी कैमरे से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया गया।
सोलर सिस्टम से संचालित जासूसी कैमरा लगाया
यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड ने बाद में आकाशदीप को भी अपने साथ मिला लिया। आरोप है कि मार्च 2026 में तीनों ने मिलकर मलोट रोड पर सोलर सिस्टम से संचालित जासूसी कैमरा लगाया था। बताया जा रहा है कि कैमरे की फुटेज आगे भेजने के लिए इसी सिम कार्ड का उपयोग किया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक जैसे ही मास्टरमाइंड को पता चला कि पुलिस ने कैमरा और उसके दोनों साथियों को पकड़ लिया है, वह अपने परिवार सहित फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
















