
केंद्र सरकार ने 100% एथेनॉल (E100) ईंधन को मंजूरी देकर भारत की ऊर्जा नीति में एक बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। सरकार का दावा है कि इससे तेल आयात कम होगा, किसानों की आय बढ़ेगी, प्रदूषण घटेगा और भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। लेकिन क्या एथेनॉल वास्तव में पेट्रोल की जगह ले सकता है? क्या भारत की ऑटो इंडस्ट्री इसके लिए तैयार है? किसानों, आम जनता और देश की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा? पाञ्चजन्य की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए 100% एथेनॉल नीति के फायदे, चुनौतियां, संभावनाएं और भारत के फ्यूल फ्यूचर की पूरी कहानी।