ममता बनर्जी के बाद अब कांग्रेस के निशाने पर अखिलेश यादव ?
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ममता बनर्जी के बाद अब कांग्रेस के निशाने पर अखिलेश यादव ?

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को कमजोर करने के बाद कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को ठिकाने लगाने की रणनीति बना रही है। 2029 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के लिए रास्ता साफ करने की पूरी प्लानिंग।

Written byअभय कुमारअभय कुमार — edited by कुलदीप सिंह
Jun 14, 2026, 01:39 pm IST
inविश्लेषण
Congress election strategy in Uttar Pradesh targeting Akhilesh Yadav Samajwadi Party for 2027

पश्चिम बंगाल में चुनावी परिणाम और उसके बाद के राजनीतिक परिदृश्य में हुए बदलाव से कांग्रेस पार्टी गदगद है और पार्टी उसी सूत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा के चुनाव में अगली राजनीतिक स्थिति बनाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में अपने उद्देश्य को पूर्णतः प्राप्त कर लिया है और अब वैसी ही राजनीति उत्तर प्रदेश में करने के लिए योजना तैयार कर रही है।

कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी या माकपा किस भी दल के साथ गठबंधन का कोई भी प्रयास नहीं किया। उसने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से बहुत पहले ही अपनी नीति तैयार कर ली थी कि पार्टी दो ही नीति पर काम करेगी। पहला कि कांग्रेस पार्टी का पश्चिम बंगाल के विधानसभा में अपना खाता खोलना चाहती थी। पश्चिम बंगाल विधानभा के पूर्व कांग्रेस पार्टी का पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मेघालय और सिक्किम में कोई भी विधायक नहीं था, मगर अब इन प्रदेशों के नाम से पश्चिम बंगाल का नाम हट गया है क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज़ की है।

ममता बनर्जी के कद को छोटा करना था मकसद

दूसरा ममता बनर्जी के राजनीतिक कद को छोटा करना। ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक कद राहुल गाँधी के लिए मोदी विरोधी खेमे में सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। चुनाव पूर्व परिदृश्य में ममता बनर्जी कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी की भाजपा विरोधी खेमे में सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी थीं। अगर पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस पार्टी जीत गई होती तो आज ममता बनर्जी मोदी के खिलाफ विपक्षी खेमे की सबसे मजबूत राजनीतिक खिलाड़ी होतीं। मगर कांग्रेस पार्टी ने पूरा प्रयास किया था कि ऐसी स्थिति नहीं आये और उसमें वो पूरी तरह से सफल रही। कांग्रेस पार्टी ने चुनावी मैदान में ऐसे उम्मीदवारों को उतारा, जिससे कि वो खुद नहीं जीते तो भी तृणमूल कांग्रेस पार्टी को कमजोर किया जा सके।

तृणमूल कांग्रेस पार्टी छह सीटों पर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों द्वारा वोट काटने के कारण चुनाव हारी है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने दर्ज़नों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का माहौल खराब कर दिया था और तृणमूल कांग्रेस पार्टी को राजनीतिक तौर पर काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी को चुनाव हराने के बाद कांग्रेस पार्टी ने ममता बनर्जी के राजनीतिक कद को काफी छोटा या यो कहे कि बौना कर दिया है और इसका सीधा असर यह देखने को मिल रहा हैं कि अब ममता बनर्जी के पास कांग्रेस पार्टी के साथ कदमताल करने के अलावा कोई भी दूसरा राजनीतिक विकल्प शेष नहीं बचा है।

इसे भी पढ़ें: Explainer: फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी, जानिए 6 दिन की विदेशी यात्रा का पूरा शेड्यूल और उससे भारत को क्या होगा हासिल? 

ममता के खिलाफ कांग्रेस ने खूब उगला जहर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ना सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा, बल्कि ममता बनर्जी के खिलाफ राजनीतिक तौर पर काफी विषवमन भी किया था। राहुल गाँधी ने ममता बनर्जी के खिलाफ राजनीतिक तौर विषवमन में भाजपा और वाम दलों को भी पीछे छोड़ दिया था। मगर चुनाव बाद ममता बनर्जी ने इंडि  गठबंधन के घटक दलों के साथ बैठकों का दौर शुरू किया है। इससे पूर्व ममता बनर्जी के लिए इंडि गठबंधन की बैठकों का कोई भी महत्व नहीं हुआ करता था। कांग्रेस पार्टी ने ममता बनर्जी के ऊंचे राजनीतिक कद को बौना करने में अवश्य सफलता प्राप्त की है। अभी कांग्रेस पार्टी के पास अपने सहयोगी दलों के कद को छोटा करने के अलावा कोई भी दूसरा विकल्प नहीं हैं क्योंकि वो खुद कहीं भी चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं है।

उत्तर प्रदेश में भी अब यही रणनीति अपनाने जा रही कांग्रेस

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी इसी सूत्र पर आगामी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस पार्टी की नज़र अब ममता बनर्जी के बाद अखिलेश यादव पर टिक गई है। अगर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव कांग्रेस पार्टी के अनुसार राजनीति नहीं करेंगे तो कांग्रेस पार्टी अब सपा और अखिलेश यादव को भी राजनीतिक तौर पर ठिकाने लगाने का प्रयास वैसे ही करेगी, जैसा कि उसने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का किया है।

2029 के लिए राहुल गांधी के लिए जमीन तैयार कर रही कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी का बड़ा लक्ष्य 2029 लोकसभा चुनाव से पूर्व ऐसी राजनितिक स्थिति तैयार करना है, जिसमें मोदी और भाजपा के खिलाफ कोई भी उम्मीदवार विपक्षी खेमे में नहीं बचे जो राहुल गाँधी को चुनौती पेश कर सके। इसमें सबसे ऊपर नाम ममता बनर्जी का था, जिसे कांग्रेस पार्टी ने ठिकाने लगा दिया है। इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी की नज़र अखिलेश यादव पर टिक गई है। उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों में गठबंधन था और दोनों दलों को इसका लाभ मिला था। मगर अब कांग्रेस पार्टी अखिलेश यादव के साथ ज्यादा सीटों पर समझौता करना चाहती है। अगर अखिलेश यादव कांग्रेस पार्टी को मनमुताबिक सीट नहीं देते हैं तो कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल वाली रणनीति यहाँ भी अपनाएगी और ममता बनर्जी की तरह ही अखिलेश यादव को भी जमींदोज करेगी।

महाराष्ट्र में शरद पवार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी  और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को राजनितिक तौर पर हाशिये पर पहुंचाने के बाद कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी का 2029 के लोकसभा के चुनाव में नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवारी का रास्ता पूरी तरह से साफ़ हो जाएगा।

 

Topics: कांग्रेस रणनीति 2029ममता बनर्जी कमजोरअखिलेश यादव कांग्रेसराहुल गांधी 2029कांग्रेस सहयोगी हत्या
अभय कुमार
अभय कुमार
अभय कुमार, सीएसडीएस (CSDS ), इप्सोस (IPSOS) सहित कई रिसर्च और मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। भारतीय राजनीति सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय मामलो से जुड़े मुद्दों पर खास दिलचस्पी है और इसके लिए लिखते रहते हैं। [Read more]
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