
मुंगेर (बिहार)। बिहार के मुंगेर स्थित पुरानीगंज के सरस्वती विद्या मंदिर में गत 23 मई से चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम (सामान्य)’ का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस 20 दिवसीय आवासीय सघन प्रशिक्षण वर्ग में बिहार और झारखंड के कोने-कोने से आए शिक्षार्थियों ने कड़े अनुशासन के बीच राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी रहे। वहीं, मुख्य अतिथि के रूप में मुंगेर के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार मंच पर उपस्थित रहे।
इस वर्ष मुंगेर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित हुए प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षार्थियों की संख्यात्मक भागीदारी इस प्रकार रही-
| प्रशिक्षण वर्ग / आयाम | शिक्षार्थियों की संख्या | क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व |
|---|---|---|
| कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम (सामान्य) | 126 शिक्षार्थी | उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार और झारखंड के सभी प्रांत) |
| संघ शिक्षा वर्ग एवं घोष वर्ग | 229 शिक्षार्थी | दक्षिण बिहार प्रांत |
| कुल प्रशिक्षित स्वयंसेवक | 355 | 20 दिवसीय सघन आवासीय प्रशिक्षण |
अपने ओजस्वी संबोधन में सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने स्वयंसेवकों को समाज निर्माण की धुरी बनने का आह्वान किया। उन्होंने वेदों का संदर्भ देते हुए कहा कि पुरातन काल में देवताओं ने भी राक्षसों (आसुरी शक्तियों) का सामना करने के लिए एक समूह में संगठित होकर कार्य किया था, जिसका स्पष्ट उल्लेख हमारे वेदों में मिलता है।
“संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज में आमूलचूल परिवर्तन कर भारत को एक सक्षम और सबल राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर पुनः प्रतिस्थापित करना है। आज संपूर्ण विश्व पूंजीवाद और आतंकवाद के कारण भयाक्रांत है। दुनिया के कई देश अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए आपस में युद्धरत हैं और चारों ओर रक्तपात मचा हुआ है। ऐसे संक्रमण काल में मानवता की रक्षा के लिए भारत को अग्रणी भूमिका निभानी होगी, क्योंकि हिन्दुत्व का सनातन चिंतन ही विश्व में शांति का एकमात्र वास्तविक आधार बन सकता है।”
– श्री आलोक कुमार, सह सरकार्यवाह (RSS)
आलोक कुमार जी ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारतीय चिंतन परंपरा की स्वीकार्यता बहुत तेजी से बढ़ी है। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के मूल संकल्पों यानी ‘पंच परिवर्तन’ की आवश्यकता पर विशेष बल दिया और स्वयंसेवकों से इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जाने का आह्वान किया:
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में इन ‘पंच परिवर्तनों’ के व्यावहारिक आचरण से ही वास्तविक व्यवस्था परिवर्तन का सपना साकार हो सकेगा।
समारोह के मुख्य अतिथि और मुंगेर के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ये प्रशिक्षण वर्ग राष्ट्र के लिए संजीवनी का कार्य करते हैं। इस वर्ष मुंगेर की इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरा पर इस भव्य वर्ग का आयोजन होना हम सभी नगरवासियों के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है।
उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा में लगे ये स्वयंसेवक समाज को सुसंस्कारित और पल्लवित करने का कार्य करते हैं। समाज और संघ दोनों एकरस और समरस होकर राष्ट्र निर्माण की गति को तेज करें, यही इस २० दिवसीय वर्ग का मूल उद्देश्य था जो पूरी तरह सफल रहा है।