उधम सिंह नगर : उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ और उधम सिंह नगर की एसओजी ने शस्त्रों के फर्जी लाइसेंस के मामले उजागर किए है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर राज्य भर में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में ये फर्जीवाड़ा सामने आया है।
उधम सिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस से हथियार हासिल करने के मामले में थाना कुंडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ नामजद लोगों पर केस दर्ज किया है। एसओजी जांच में लाइसेंसों के फर्जी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
एसओजी प्रभारी सुनील सुतेड़ी ने कुंडा पुलिस को तहरीर दी। बताया कि पंजाब के तरनतारन जिले से जारी बताए गए कुछ शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता की जांच की थी। जांच में पता चला कि अजय सिंह पुत्र बलकार सिंह, अनूप सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, जगदेव सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, जगदीश सिंह पुत्र हरपाल सिंह, कश्मीर सिंह पुत्र गोपाल सिंह, जगतार सिंह पुत्र हरि सिंह, सतनाम सिंह पुत्र कुंदन सिंह तथा कुलविंदर सिंह पुत्र सतनाम सिंह निवासी कुंडा के नाम पर लाइसेंस बने हैं। इस संबंध में तरनतारन जिला प्रशासन से पत्राचार किया। तरनतारन डीएम कार्यालय से एसओजी को ईमेल से जवाब मिला। जिससे स्पष्ट हुआ कि संबंधित नामों और लाइसेंस नंबर के कोई भी शस्त्र लाइसेंस उनके कार्यालय से जारी नहीं किए गए हैं। इसके बाद लाइसेंसों को फर्जी मानते हुए एसओजी ने कार्रवाई की संस्तुति की।
8 के खिलाफ केस दर्ज
तहरीर के आधार पर पुलिस ने आठ पर केस दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया है। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध हथियारों का जखीरा मिला
दो दिन पहले उत्तराखंड एसटीएफ ने पार्किंग में खड़ी स्विफ्ट कार से अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया था, इस मामले में प्रापर्टी डीलर सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, दीप्ति अग्रवाल, ड्राइवर अमित और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया और सौरभ, अमित को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। बताया जाता है इनके द्वारा शाहजहांपुर से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा कर उन्हें उत्तराखंड में ट्रांसफर किया गया था।
एसटीएफ के एसएसपी अजेय सिंह ने बताया कि गोपनीय इनपुट मिलने पर काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में पार्किंग में खड़ी एक संदिग्ध स्विफ्ट कार की तलाशी ली गई, जिसमें से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ, एक 12-बोर पंप-एक्शन शॉटगन, एक .22 बोर सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक .32 बोर रिवॉल्वर शामिल है, विभिन्न बोर के कारतूस 4 मैगजीन, 7 फर्जी शस्त्र लाइसेंस जोकि कूटरचित तरीके से तैयार किए गए दस्तावेज भी जब्त किए गए है।
जानकारी के मुताबिक हरिद्वार देहरादून और नैनीताल जिले में भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जांच पड़ताल कराई जा रही है।

















