नई दिल्ली/फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां लखनऊ से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12003) पर कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा पथराव किया गया। इस घटना की संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक थी क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी भी इसी ट्रेन के एग्जीक्यूटिव कोच में सवार होकर सफर कर रहे थे।
थाना रसूलपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को इस मामले में दो नाबालिगों (बाल अपचारियों) को हिरासत में ले लिया है। इस पथराव में ट्रेन का शीशा जरूर क्षतिग्रस्त हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है।
11 जून की शाम फिरोजाबाद स्टेशन के पास हुई घटना
रेलवे अधिकारियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 जून की शाम करीब 7:18 बजे की है। उस समय शताब्दी एक्सप्रेस प्रयागराज मंडल के अंतर्गत मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच ‘पेमेश्वर गेट’ (खंभा नंबर 1230/05) के पास से गुजर रही थी। तभी अचानक ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए।
- टुंडला स्टेशन पर जांच: पथराव के बाद जब ट्रेन अगले स्टेशन टुंडला पहुंची, तो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने तुरंत प्रभावित कोच का गहन निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि पत्थर लगने से खिड़की का केवल बाहरी शीशा क्षतिग्रस्त हुआ था।
- सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, आरपीएफ, खुफिया विभाग (LIU) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और साक्ष्य जुटाने शुरू किए। प्रभारी निरीक्षक रेलवे की तहरीर पर थाना रसूलपुर में रेलवे एक्ट के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।
खुलासे के लिए बनाई गईं 10 पुलिस टीमें, 50+ CCTV फुटेज खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आदित्य लांग्हे ने अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) आगरा जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) आगरा रेंज के साथ मिलकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने घटना के त्वरित खुलासे के लिए एक बड़ा अभियान चलाया-
- जांच के लिए थाना रसूलपुर, दक्षिण, लाइनपार, एसओजी (SOG) और सर्विलांस सहित कुल 10 विशेषज्ञ पुलिस टीमों का गठन किया गया।
- पुलिस टीमों ने रेलवे ट्रैक के आसपास और संबंधित रूट पर लगे लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला।
कूड़ा बीनने वाले लड़कों ने फेंके थे पत्थर
सीसीटीवी कैमरों के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस के सामने पूरी घटना की सच्चाई आ गई। फुटेज में दिखाई दिया कि रेलवे ट्रैक पर कूड़ा बीनने वाले तीन बाल अपचारी (नाबालिग) वहां मौजूद थे। कूड़ा बीनते समय उन्होंने अचानक ट्रैक के पास से ही पत्थर उठाए और गुजर रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर फेंक दिए, जिससे ट्रेन की विंडो का ग्लास टूट गया।
एसएसपी ने बताया कि इस जांच में कुल तीन नाबालिगों के नाम प्रकाश में आए हैं, जिनमें से दो आरोपित नाबालिगों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि तीसरे साथी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। रेलवे और पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि रेल यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













