
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
खाड़ी में अमेरिका और ईरान के मध्य चल रहे युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर पल एक नया बयान देकर पूरी दुनिया को छका रहे हैं। पहले उन्होंने ईऱान को बर्बाद करने की बात कही और अब उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान पर होने वाले हमलों को रद्द कर दिया गया है। ईरानी नेतृत्व ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप ने लिखा, “ईरान के सबसे ऊंचे स्तर पर बातचीत हुई और मंजूरी मिल गई, इसलिए मैंने आज शाम के हमले रद्द कर दिए।” उन्होंने कहा कि इस समझौते को इजराइल, कतर, सऊदी अरब, यूएई, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों ने भी मंजूरी दी है। नौसेना ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगी जब तक समझौता पूरा नहीं हो जाता। हस्ताक्षर की जगह और समय जल्द बताएंगे।
ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स ने कहा कि ईरान ने अभी अंतिम जवाब नहीं दिया, लेकिन अमेरिका ने ईरान का प्रस्तावित टेक्स्ट स्वीकार कर लिया लगता है। तस्नीम एजेंसी ने साफ कहा कि जब तक ईरान खुद घोषणा न करे, ट्रंप की किसी भी खबर को नजरअंदाज करें।
कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार” हमला करेगा। उन्होंने ईरान के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा करने की बात कही। खासतौर पर खार्ग द्वीप, जहां से ईरान का करीब 90% तेल निर्यात होता है। ट्रंप ने कहा, “जल्द ही हम खार्ग द्वीप और दूसरे तेल के ठिकानों पर कब्जा करेंगे और उनका पूरा तेल-गैस बाजार अपने नियंत्रण में ले लेंगे, जैसे वेनेजुएला में किया।” बाद में फॉक्स न्यूज पर उन्होंने थोड़ा पीछे हटते हुए कहा कि द्वीप लेना पसंद तो है, लेकिन अमेरिका के पास इसके लिए इच्छाशक्ति है या नहीं, पता नहीं। उन्होंने पुलों और बिजलीघरों पर हमले से भी बचने की बात कही।
गौरतलब है कि अप्रैल में हुए सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच दो दिन से गोलीबारी चल रही थी। यह सब शुरू हुआ था अमेरिकी हेलीकॉप्टर के हॉर्मुज जलडमरूमध्य में गिराए जाने से। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों, संचार व्यवस्था और एयर डिफेंस पर हमले किए। एक तेल टैंकर पर भी हमला किया, जिसे ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश में बताया गया।
ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन दागे। बहरीन में एक 11 साल की लड़की घायल हुई। एक अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर आई।
ईरानी सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि बातचीत तेज हो गई है। दोनों तरफ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर मैसेज आ रहे हैं। मुख्य मुद्दा फंसे हुए ईरानी पैसे (अरबों डॉलर) को कैसे छोड़ें। ईरान चाहता है कि सारा पैसा एक साथ मिले, जबकि अमेरिका चरणबद्ध तरीके से, सिर्फ इंसानी मदद के लिए छोड़ना चाहता है।