राजमार्ग और बंदरगाह ही नहीं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना ताकत! जानिए मोदी सरकार के 12 वर्षों में कैसे बदला भारत?
July 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

राजमार्ग और बंदरगाह ही नहीं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना ताकत! जानिए मोदी सरकार के 12 वर्षों में कैसे बदला भारत?

मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे (Digital Infrastructure) में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानकों और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) पर भारत की इस वैश्विक प्रगति की पूरी विश्लेषण रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Written byडॉ. पंकज जगन्नाथ जयस्वालडॉ. पंकज जगन्नाथ जयस्वाल — edited by Shivam Dixit
Jun 10, 2026, 11:27 pm IST
in भारत, विश्लेषण, मत अभिमत

बिजली ग्रिड, बंदरगाह और राजमार्ग अब बुनियादी ढांचे के एकमात्र घटक नहीं रह गए हैं। यह डिजिटल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा मूलभूत डिजिटल प्रणालियों का एक संग्रह है, जो समकालीन समाजों की नींव के रूप में कार्य करता है। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से व्यक्तियों, कंपनियों और सरकारों के बीच सुरक्षित और आसान संचार संभव हो जाता है।

डिजिटल बुनियादी ढांचा सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन, शीघ्र डिजिटल भुगतान, पहचान सत्यापन और बैंक खाता खोलने की सुविधा प्रदान करके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। समकालीन अर्थव्यवस्था में डिजिटल बुनियादी ढांचा अब यह नियंत्रित करता है कि सेवाओं, बाजारों और अधिकारों तक किसकी पहुंच है, ठीक उसी तरह जैसे पहले रेलमार्ग क्षेत्रों को अवसरों से जोड़ते थे।

भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की नींव

भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा रातोंरात नहीं बना। मोदी प्रशासन ने प्रौद्योगिकी के प्रति मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन करने और “सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, वित्तीय समावेशन और प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास” सहित संबंधित विषयों में अधिक ज्ञान-साझाकरण को प्रोत्साहित करने का दावा किया।

पहचान, बैंकिंग और संपर्क को जानबूझकर एक साथ लाया गया ताकि इसकी नींव रखी जा सके। इसी तालमेल के परिणामस्वरूप डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (JAM) का उदय हुआ। जनधन बैंक खातों, आधार नामांकन और मोबाइल फोन के व्यापक उपयोग ने भारत के डिजिटल परिवर्तन की नींव रखी। जब इन्हें एकीकृत किया गया, तो इन्होंने लोगों और राज्य के बीच एक सीधा और सत्यापित संबंध स्थापित किया।

कल्याणकारी योजनाओं का भुगतान सीधे JAM के माध्यम से बैंक खातों में आने लगा। बिचौलियों की संख्या कम हो गई। देरी कम हुई। धन की बर्बादी कम हुई। इस एकीकरण के दायरे ने एक व्यापक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) पारिस्थितिकी तंत्र के विकास की नींव रखी।

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) का भारत मॉडल

जनसंख्या-स्तरीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना क्या हासिल कर सकती है, इसका एक व्यावहारिक उदाहरण भारत के अनुभव से मिलता है। बहुत कम खर्च में भारत ने 1.4 अरब से अधिक लोगों के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण किया है। यह एक ऐसा नेटवर्क है, जो खुला, सुलभ है और विभिन्न प्रकार के ऐप्स द्वारा समर्थित है, जो अर्थव्यवस्था को अद्यतन करते हैं, शासन-कार्य में बदलाव लाते हैं और लोगों के जीवन को बेहतर बनाते हैं।

भारत में DPI पारिस्थितिकी तंत्र विश्वास, नवाचार और समावेशिता के सिद्धांतों पर संचालित होता है। भारत ने दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जनसंख्या के आकार के हिसाब से विकास को गति दे सकते हैं और लोकतंत्र को मजबूत कर सकते हैं, जिसके परिणाम मात्रात्मक रूप से देखे जा सकते हैं।

जी-20 और वैश्विक स्तर पर भारत की डिजिटल पहल

जी-20 डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह, आर्थिक परिवर्तन, वित्तीय समावेशन और विकास के लिए DPI पर गठित नए उच्च-स्तरीय कार्यबल तथा कई जी-20 सहभागिता समूहों की सहायता से भारत, 2023 में जी-20 के नेता के रूप में, वैश्विक उत्तर और दक्षिण के देशों के बीच DPI के बारे में असाधारण स्तर की जागरूकता बढ़ाने में सक्षम रहा है।

DPI मॉडल को वर्तमान में विकास के विभिन्न चरणों में स्थित देशों द्वारा खोजा, अपनाया या संशोधित किया जा रहा है और यह वैश्विक स्तर पर भारत की एक प्रमुख पेशकश के रूप में उभरा है। भारत स्टैक की नवोन्मेषी तकनीक के बदौलत भारत तीनों मूलभूत DPI—डेटा सशक्तिकरण और संरक्षण (DEPA), एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) और आधार विशिष्ट पहचान—का निर्माण करने वाला पहला देश बन गया।

विश्व बैंक और IMF ने की भारत के DPI मॉडल की सराहना

DPI रणनीति को विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) समेत संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बड़ा समर्थन प्राप्त हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने DPI को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की सुविधा के लिए और कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के गरीब परिवारों के 87% तक सहायता पहुंचाने के लिए सराहा है। भारत के DPI मॉडल ने वैश्विक स्तर पर राष्ट्रों के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत किए हैं।

विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि DPI ने पिछले छह वर्षों में 80% वित्तीय समावेशन तक पहुंचने में भारत की सहायता की है, जो उपलब्धि अन्यथा 50 वर्ष ले सकती थी।

UPI और डिजिटल भुगतान क्रांति

चूंकि सरकार ने बैंक खातों तक पहुंच का विस्तार किया, भारत की तेजी से आगे बढ़ने वाली फिनटेक कंपनियों ने डिजिटल वॉलेट और मोबाइल मनी समाधान विकसित करने शुरू किए। इन प्रगतियों ने बैंक खातों के बिना व्यक्तियों के लिए भी डिजिटल धन संग्रहण और हस्तांतरण को सरल और सस्ता बना दिया।

जवाब में अधिकारियों ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) बनाकर एक नवाचार लागू किया, जिसने बैंकों को गैर-बैंक संस्थाओं के साथ भुगतान निर्देशों को संवाद और संसाधित करने की अनुमति दी। यह पहल भारत स्टैक की दूसरी परत बन गई।

नई प्रणाली डिजिटल वॉलेट के माध्यम से अपने सामान या सेवाओं के लिए भुगतान प्राप्त करने हेतु बैंक खातों के बिना सड़क विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों को सक्षम बनाती है। वे जल्दी से दूसरों को पैसे भेज सकते हैं, जैसे किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले रिश्तेदार को।

आधार, जनधन और मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार

मार्च 2026 तक 1.44 अरब से अधिक आधार संख्याएं जारी की गईं, जिससे दैनिक जीवन में इसके गहरे एकीकरण का प्रदर्शन हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 27.07 अरब से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन हुए।

जनधन खातों की संख्या 2015 में 14.72 करोड़ से बढ़कर 2026 तक 57.71 करोड़ हो गई। मार्च 2015 में जमा राशि 15,670 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 तक 29.4 ट्रिलियन रुपये हो गई। लाभार्थियों को कुल 39.98 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड प्रदान किए गए, जिससे वित्तीय समावेशन का विस्तार हुआ।

भारत में मोबाइल और इंटरनेट क्रांति

85.5% भारतीय परिवारों के पास स्मार्टफोन होने के कारण मोबाइल उपकरण बैंकों, कक्षाओं और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।

दिसंबर 2025 के अंत तक वायरलेस टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1.2587 अरब तक पहुंच गई, जबकि लगभग सभी जिलों में 5G सेवाएं उपलब्ध हैं। देशभर में 5,18,000 से अधिक 5G बेस स्टेशनों का नेटवर्क स्थापित किया जा चुका है।

UPI के रिकॉर्ड और DBT की उपलब्धियां

UPI प्रणाली ने खुदरा भुगतान में क्रांतिकारी बदलाव किया है। जनवरी 2026 में UPI ने 21.7 अरब लेनदेन दर्ज किए, जिनका कुल मूल्य 28.33 ट्रिलियन रुपये से अधिक था।

दिसंबर 2014 में शुरू की गई प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजना ने भुगतान, लेखांकन और रिपोर्टिंग को अधिक पारदर्शी बनाया। इसने डुप्लिकेट और धोखाधड़ी वाले लाभार्थियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परिणामस्वरूप सरकार ने 2015 से मार्च 2024 के बीच 4.31 ट्रिलियन रुपये से अधिक की बचत की। जनवरी 2026 तक DBT के माध्यम से कुल हस्तांतरित राशि 49.09 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो गई।

डिजीलॉकर और उमंग ऐप की सफलता

नागरिक अब किसी भी समय और कहीं भी महत्वपूर्ण जीवनपर्यंत रिकॉर्ड तक पहुंच सकते हैं। 5 मार्च 2026 तक डिजीलॉकर के 67.63 करोड़ उपयोगकर्ता हो चुके थे और 9.5 अरब से अधिक दस्तावेज जारी किए जा चुके थे।

2017 में लॉन्च किए गए उमंग ऐप ने 5 मार्च 2026 तक 5.25 करोड़ उपयोगकर्ता और 7.2336 अरब लेनदेन दर्ज किए। यह 2,400 से अधिक सरकारी सेवाएं प्रदान करता है और नागरिकों तथा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) की उपलब्धियां

नवंबर 2025 तक लगभग 3.27 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए गए, जिससे कुल सकल व्यापार मूल्य 16.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें सेवाओं से 7.94 लाख करोड़ रुपये और उत्पादों से 8.47 लाख करोड़ रुपये का योगदान रहा।

इस प्लेटफॉर्म पर 10,894 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 348 सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं। 1.67 लाख से अधिक खरीदार संगठन तथा 24 लाख से अधिक विक्रेता एवं सेवा प्रदाता इससे जुड़े हुए हैं।

ई-संजीवनी: डिजिटल स्वास्थ्य सेवा की क्रांति

नवंबर 2019 में लॉन्च होने के बाद से ई-संजीवनी ने टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाया है। इसने डॉक्टरों और मरीजों के बीच दूरस्थ परामर्श को संभव बनाया, विशेषकर ग्रामीण और कम-सुविधा वाले क्षेत्रों में।

5 मार्च 2026 तक इस प्लेटफॉर्म ने 45.42 करोड़ रोगियों को सेवा प्रदान की और 2.3 लाख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को जोड़ा। टेलीकंसल्टेशन अब एक पायलट पहल से विकसित होकर एक मानक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा बन चुका है।

भारत का डिजिटल मॉडल दुनिया के लिए मिसाल

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के साथ भारत का अनुभव डिजिटल युग में विकास और शासन के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है।

वित्तीय समावेशन और पहचान तक पहुंच के लिए शुरू हुआ यह प्रयास आज आर्थिक गतिविधियों, सार्वजनिक सेवा वितरण और संस्थागत विकास के लिए आवश्यक एक मजबूत एवं अंतरसंचालनीय ढांचे में विकसित हो चुका है।

यह मॉडल दर्शाता है कि विस्तार करने से विश्वास कम नहीं होता और सुरक्षा, विनियमन तथा पारदर्शिता को साथ-साथ बनाए रखा जा सकता है। प्रौद्योगिकी को सार्वजनिक उद्देश्यों के साथ एकीकृत करके भारत ने प्रदर्शित किया है कि डिजिटल प्रणालियां लोकतंत्र को मजबूत कर सकती हैं और विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।

जैसे-जैसे अन्य देश लचीले और समावेशी डिजिटल अवसंरचना स्थापित करने का लक्ष्य रखते हैं, भारत का अनुभव केवल एक केस स्टडी नहीं बल्कि सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना के भविष्य के लिए एक वैश्विक मानक के रूप में उभर रहा है।

Topics: United Nations Digital ReportPanchjanya Tech Opinion.Digital Infrastructure IndiaModi Govt 12 Years ReformsDigital Public Infrastructure DPI
डॉ. पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
डॉ. पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
डॉ पंकज जगन्नाथ जयस्वाल, शिक्षाविद्, लेखक और स्तंभकार हैं [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

AI में भारत बन रहा विश्व शक्ति : IMF प्रमुख ने स्वीकारी भारत की विश्व में धमक, कहा- मैं भारत यात्रा के लिए उत्साहित

Load More

ताज़ा समाचार

1996 Dausa Bus Bomb Blast Case Supreme Court Verdict Rajasthan News Abdul Hamid Justice Panchjanya

14 मौतें, 30 साल का इंतजार और फिर निराशा: आतंक के बाद भी छूट रहे हैं आतंकी, दौसा बस ब्लास्ट केस के फैसले पर बड़े सवाल!

Puri Rath Yatra Hera Panchami Gundicha Temple Adap Mandap Darshan Lord Jagannath Mata Laxmi Panchjanya

पुरी रथयात्रा: हेरा पंचमी पर गुंडिचा मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, जानिए क्यों माता लक्ष्मी ने तोड़ा महाप्रभु का रथ

Delhi Sansad Chalo Violence Leaked WhatsApp Chats CJP JNU Sansad Chalo Briar BitChat Panchjanya

“मौत हुई तो सरकार पर बढ़ेगा प्रेशर”: CJP ‘संसद चलो’ प्रदर्शन में हिंसा की साजिश? लीक व्हाट्सएप चैट्स में बड़ा खुलासा

Delhi Jantar Mantar Protests vs National Sentiment Skyroot Vikram 1 Parliament Indian Democracy Panchjanya

क्या जंतर-मंतर पर जुटती भीड़ ही देश का सच है? जानिए विरोध प्रदर्शन और ‘राष्ट्रीय भावना’ के बीच का पूरा फर्क!

जंतर-मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट

“लाइट, कैमरा और आंदोलन”: छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर फिर एक्टिव हुई टूलकिट? जानिए जंतर-मंतर के पीछे का पूरा सच!

Punjab and Haryana High Court PIL against Sacrilege Law 2026

पंजाब के अबोहर में लहराया भाजपा का परचम: हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा हुए चुनाव में AAP को झटका, मेयर पद पर कब्जा!

Foreign Tourists Praise India Safety Over London Phone Theft Medical Tourism Free Rabies Vaccine Digital Payment UPI Panchjanya

“लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत”, विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किया आंखों देखा सच!

प्रतीकात्मक चित्र

Madarsa Scandal: कागजों पर चल रहे मदरसे, हिंदुओं के बच्चों का दिखाया दाखिला, MP के मदरसों में बाल अधिकारों का उल्लंघन

Explainer। भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, नेपाल ने 1 रुपए के सिक्के से हटाया ‘कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा’

Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Haridwar Kanwar Yatra 2026 Review Meeting Mela Bhawan Panchjanya

कांवड़ यात्रा 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, हरिद्वार में सीएम धामी ने दिए सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त निर्देश!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies