नागपुर । राष्ट्र सेविका समिति का 17 दिवसीय ‘प्रवीण वर्ग’ सोमवार से नागपुर के ऐतिहासिक रेशिमबाग परिसर में उत्साह और अनुशासन के साथ प्रारंभ हो गया। वर्ग के उद्घाटन सत्र में समिति की प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री अन्नदानम जी ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र जागरण और समाज सेवा का ओजस्वी संदेश दिया।
“समिति की स्थापना का 90वां वर्ष, साधना से आती है ताकत”
प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री अन्नदानम जी ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों का विशेष अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना का यह 90वां वर्ष चल रहा है।
उन्होंने कहा-
“हम प्रवीण वर्ग में साधना करने और अपने संगठन के लिए उपयुक्त गुणों का संवर्धन कर समाज रूपी ईश्वर की सेवा करने के योग्य बनने के लिए आए हैं। राष्ट्र जागरण की इस बेला में हम सब ने राष्ट्र की उन्नति के लिए एकात्म होकर काम करने का संकल्प लेना है। साधना से ही हमारे अंदर ताकत आती है और ‘पराभव’ नाम संवत्सर में हमें अपने देश को विजय की ओर ले जाना है।”
प्रवीण वर्ग: 27 प्रांत और नेपाल से आईं 112 सेविकाएं
वर्ग के उद्घाटन अवसर पर मंच पर राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का जी और वर्ग अधिकारी मुक्ता ठाकुर जी (हिमाचल प्रांत कार्यवाहिका) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रवीण वर्ग 2026 की प्रमुख जानकारी:
- अवधि: 8 जून से 24 जून 2026 (17 दिवसीय)
- स्थान: रेशिमबाग परिसर, नागपुर
- सहभागिता: देश के 27 प्रांतों और नेपाल से कुल 112 प्रशिक्षणार्थी इस वर्ग में सहभागी हैं।
बौद्ध त्रिकूट और ब्रह्मतेज-क्षात्रतेज का संदेश
अपने मार्गदर्शन में प्रमुख कार्यवाहिका जी ने बौद्ध धर्म के तीन महत्वपूर्ण सूत्रों (बौद्ध त्रिकूट) का भी स्मरण किया:
- बुद्धं शरणं गच्छामि
- संघं शरणं गच्छामि
- धम्मं शरणं गच्छामि
उन्होंने स्पष्ट किया कि सेविकाएं समाज का विराट दर्शन करने के लिए संगठन में आई हैं।
“हमें ब्रह्मतेज और क्षात्रतेज का अर्जन कर समाज को जागृत करना है। हमें प्रबुद्ध बनना है, और देश की सेवा में पूर्णतः लग जाना है। इस प्रवीण वर्ग के प्रशिक्षण के पश्चात हमें निरंतर अपने ध्येय पथ पर चलते जाना है।”













