पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों काफी चर्चा में है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदर लगातार हलचल देखने को मिल रही है। पार्टी के कई नेताओं के असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
टीएमसी विलय की चर्चा तेज
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि हाल ही में इंडिया गठबंधन की एक बैठक के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। कुछ रिपोर्टों और राजनीतिक चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि इस दौरान कांग्रेस की ओर से टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विलय के बाद ममता बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को महासचिव बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस तरह के किसी प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है, जबकि कुछ नेताओं ने अलग गुट बनाकर खुद को असली टीएमसी बताने का दावा किया है। ऐसे हालात में ममता बनर्जी अपनी पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो टीएमसी को संगठनात्मक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसी बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओ ब्रायन और अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से मुलाकात ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, इस मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक और चर्चा लोकसभा सांसद सायोनी घोष को लेकर भी है। खबरें हैं कि वह बागी गुट के संपर्क में हैं और भविष्य में कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
















