दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसने वैश्विक सुरक्षा और शांति पर नई बहस छेड़ दी है। अच्छी बात यह है कि वर्ष 2026 में दुनिया के कुल परमाणु हथियारों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत लंबे समय तक नहीं रह सकती, क्योंकि कई देश अपने परमाणु कार्यक्रमों का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
परमाणु हथियार 2026 SIPRI रिपोर्ट
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में दुनिया के पास कुल 12,187 परमाणु वॉरहेड्स हैं। वहीं, वर्ष 2025 में यह संख्या 12,241 थी। यानी एक साल में कुल 54 परमाणु हथियार कम हुए हैं। यह कमी मुख्य रूप से रूस और अमेरिका के परमाणु भंडार में गिरावट के कारण दर्ज की गई है। रूस अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश है। वर्ष 2026 में उसके पास 5,420 परमाणु हथियार हैं, जबकि अमेरिका के पास 5,042 वॉरहेड्स मौजूद हैं। दोनों देशों के पास मिलकर दुनिया के अधिकांश परमाणु हथियार हैं। दूसरी ओर, चीन लगातार अपनी परमाणु क्षमता बढ़ा रहा है। उसके परमाणु हथियारों की संख्या 600 से बढ़कर 620 हो गई है। फ्रांस के परमाणु भंडार में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2025 में उसके पास 290 वॉरहेड्स थे, जो 2026 में बढ़कर 370 हो गए हैं। वहीं ब्रिटेन के परमाणु हथियारों की संख्या 225 पर स्थिर बनी हुई है।
भारत के लिए भी यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण है। SIPRI के अनुमान के अनुसार, भारत का परमाणु शस्त्रागार 180 से बढ़कर 190 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है। यह भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। भारत परमाणु हथियारों की संख्या के मामले में पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं और उसके भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा, इजरायल के पास 90 और उत्तर कोरिया के पास 60 परमाणु हथियार होने का अनुमान लगाया गया है। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु भंडार में वृद्धि की है, जिससे दुनिया की चिंता बढ़ी है। हालांकि कुल संख्या में मामूली कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में परमाणु हथियारों की दौड़ फिर तेज हो सकती है। इसलिए विश्व शांति बनाए रखने के लिए देशों को परमाणु हथियारों के विस्तार के बजाय निरस्त्रीकरण और संवाद पर अधिक ध्यान देना होगा।

















