घुसपैठियों को भारत में बसाने के लिए वकील प्रशांत भूषण और उनकी टीम ने पूरा जोर लगाया था। इस टीम ने सर्वोच्च न्यायालय में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए कई याचिकाएं दायर की हैं। इनमें से कुछ का निपटारा हो गया है, कुछ अभी भी लंबित हैं। इन याचिकाओं में मानवीय आधार पर घुसपैठियों को भारत में रहने देने और उन्हें एक नागरिक की तरह सुविधाएं देने की मांग की गई है। वहीं सरकार का कहना है कि भारत के संसाधनों पर केवल और केवल यहां के नागरिकों का अधिकार है। और इसलिए घुसपैठियों को वापस जाना ही होगा।



















