ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस दोफाड़ हो चुकी है। टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद टीएमसी के 14 सांसदों ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ भी बैठक की।
यह भी चर्चा है कि टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि उनकी पार्टी को अलग संसदीय दल (ब्लॉक) का दर्जा दिया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भी शामिल होने की इच्छा जताई है।
दो तिहाई बहुमत की जरूरत
संसद में दलबदल विरोधी कानून को दरकिनार करने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। लोकसभा में भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद तृणमूल कांग्रेस चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं।
ममता की बैठक में बागी खेमा नहीं
पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष औऱ विरोध को देखते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। खास बात यह है कि बैठक में बागी खेमे से कोई भी उपस्थित नहीं था। बैठक में मदन मित्रा, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, अशोक देब, चंद्रिमा भट्टाचार्य, अभिषेक बनर्जी जैसे पुराने नेता ही मौजूद थे।
















