नई दिल्ली/कोच्चि: केरल के पलक्कड़ जिले में एक जिम को शरीयत नियमों से चलाए जाने को लेकर विवाद हो रहा है। इस जिम में इस्लामिक ड्रेस लागू कर दी गई है। जिम मालिक ने घोषणा की है कि ये फिटनेस सेंटर इस्लाम में बताए गए नियमों के अनुसार संचालित होगा। इसके बाद इसे लेकर नई बहस खड़ी हो गई है कि क्यों भारत में एक जिम को शरीयत कानून से चलाए जाने की घोषणा की गई। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला?
जिम मालिक बोला- हिजाब में एक्सरसाइज करेंगी महिलाएं
यह विवाद तब खड़ा हुआ जब जिम के मालिक ने एक वीडियो जारी की है। वीडियो में जिम के मालिक नवाज मुथु टी ने कहा कि उनका जिम इस्लामिक नियमों से चलेगा। जिम में तेज संगीत नहीं बजाया जाएगा और महिलाएं हिजाब पहनकर एक्सरसाइज करेंगी। इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए वर्कआउट के समय और जगहें अलग-अलग होंगी। उसने कहा कि इस जिम में इस्लाम के बताए नियम के अनुसार ट्रेनिंग, लिंग-भेद और ड्रेस कोड लागू होगा।
यह जिम लगभग 15 वर्षों से चल रहा है। अब इस जिम में कट्टर इस्लामिक नियम लागू कर दिए गए हैं। जिम के मालिक ने घोषणा की है कि जिम के अंदर कोई संगीत या गाने नहीं बजेंगे। पुरुष और महिलाएं एक साथ वर्कआउट नहीं करेंगी। महिलाएं इस्लामी ड्रेस कोड का पालन करेंगी और शरीर ढककर हिजाब पहनकर एक्सरसाइज करेंगी। जिम के मालिक का कहना है कि अन्य धर्मों के लोगों को भी ये नियम फॉलो करने पड़ेंगे तभी जिम में एक्सरसाइज कर सकेंगे।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
जिम के इस अनोखे नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूटा है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि क्या ये जिम सिर्फ मुस्लमानों के लिए है? जिम भारत में है तो उसमें शरीयत कानून क्यों लागू किया जा रहा है? वहीं जिम के मालिक का कहना है कि जब बात इस्लामिक-फ्रेंडली जिम की आती है तो महिलाओं और पुरुषों को एक साथ कसरत नहीं करनी चाहिए। मुसलमान इस्लामिक सिद्धांतों के अनुसार जिंदगी जीते हैं। वे म्यूज़िक नहीं सुनते। उनके लिए कोई जिम नहीं है। जब आप किसी जिम में जाते हैं तो म्यूज़िक बंद करना मुमकिन नहीं होता। ऐसी महिलाएं भी हैं जिन्हें मिली-जुली जगहों पर कसरत करने में परेशानी होती है। इसलिए इस जिम में शरीयत नियम लागू किए गए हैं।











