विक्रम संवत 2083 के अनुसार 3 जून को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो रात्रि 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगी तदुपरांत चतुर्थी तिथि होगी। विभुवन संकष्टी चतुर्थी भी इसी दिन मनाई जाएगी। बुधवार का दिन 2026 का 154वां दिन होगा। सूर्यदेव उत्तरायण में गतिशील हैं। सूर्यदेव अपनी रश्मियों के साथ उदित होंगे और ब्रह्मांड में ग्रहों का अनूठा दरबार सजेगा। सूर्य देव वृषभ राशि में रहेंगे और मन का कारक चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेगा। 2 जून से शुरू हुआ शुभ योग भी 3 जनवरी को समाप्त होगा।
आइये जानते हैं 3 जून 2026 की ग्रह-स्थिति, पंचांग, शुभ योग, लग्नारंभ समय और अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी।
सूर्योदय के समय ग्रहों की स्थिति
सूर्य वृष में
चंद्र धनु में
मंगल मेष में
बुध मिथुन में
गुरु कर्क में
शुक्र मिथुन में
शनि मीन में
राहु कुंभ में
केतु सिंह में
लग्नारंभ समय
मिथुन 06.06 बजे से
कर्क 08.20 बजे से
सिंह 10.36 बजे से
कन्या 12.48 बजे से
तुला 14.59 बजे से
वृश्चिक 17.13 बजे से
धनु 19.29 बजे से
मकर 21.34 बजे से
कुंभ 23.21 बजे से
मीन 00.54 बजेे से
मेष 02.24 बजे से
वृष 04.04 बजे से
बुधवार 2026 वर्ष का 154वां दिन
दिशाशूल उत्तर ऋतु ग्रीष्म
विक्रम संवत् 2083 शक संवत् 1948
मास ज्येष्ठ पक्ष कृष्ण
तिथि तृतीया 21.22 बजे को समाप्त
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 01.00 बजे रात्र को समाप्त
योग शुभ 08.12 बजे को समाप्त
करण वणिज 08.13 बजे तदनन्तर विष्टि 21.22 बजे को समाप्त
चन्द्रायु 17.2 घण्टे
रवि क्रान्ति उत्तर 220 17Ó
सूर्य उत्तराायन
कलि अहर्गण 1872729
जूलियन दिन 2461194.5
कलियुग संवत् 5128
कल्पारंभ संवत् 1972949128
सृष्टि ग्रहारंभ संवत् 1955885128
वीरनिर्वाण संवत् 2552
विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत










