गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपी असद के घर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नवनीत विहार स्थित आरोपी के मकान पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में मुनादी कराते हुए स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर कथित अवैध कब्जा और निर्माण नहीं हटाया गया, तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
ईद के दिन हुई थी हत्या
यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई है जब मृतक सूर्या चौहान की मां सरोज ने अपने बेटे की हत्या के बाद आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। उन्होंने भावुक होकर कहा था कि उनके इकलौते बेटे की हत्या कर दी गई और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। अब प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम को पीड़ित परिवार न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रहा है। यह मामला 28 मई, ईद के दिन सामने आया था। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना का कारण दो युवकों के बीच बाइक टकराने और रास्ता देने को लेकर हुआ विवाद बताया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता भी करा दिया था।
हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि समझौते के कुछ समय बाद ही स्थिति हिंसक हो गई। आरोप है कि मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और कुछ साथियों के साथ मिलकर नवनीत विहार की गली नंबर-4 में सूर्या चौहान को घेर लिया। आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसके चलते पुलिस ने मुख्य आरोपी असद की तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं। 50 हजार रुपये के इनामी असद को बाद में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास किया था। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया।












