नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार गठन के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। 35 नये मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई है। 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, 3 नेताओं को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री व 19 नेताओं को राज्य मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इस मंत्रिमंडल में एक ऐसा नाम भी शामिल है जिनके संघर्ष की कहानी बेहद प्रेरणाप्रद है। यह नाम है 32 वर्षीय कलिता माझी का जिन्हें शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है।
बूथ स्तर की कार्यकर्ता से मंत्री तक का सफर
वह पूर्व बर्धमान जिले की आउसग्राम विधानसभा सीट से विधायक बनीं। इसके बाद कैबिनेट विस्तार में उनको मंत्री बनाया गया है। कलिता माझी पिछले करीब दस सालों से बीजेपी (BJP) से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत बूथ स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी। बीजेपी ने उन्हें 2021 विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार बनाया था लेकिन उस समय वह चुनाव हार गई थीं। 2026 में पार्टी ने उनपर फिर भरोसा जताया और उन्हें टिकट मिला। इस बार वह चुनाव जीतीं और विधानसभा पहुंचीं। अब मंत्री बनकर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
कभी घरेलू सहायिका का काम करती थीं कलिता माझी
कलिता माझी का जीवन बेहद संघर्षमय रहा है। वह एक गरीब परिवार में पैदा हुई और उन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया। वह कभी घरों में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम किया करती थीं। घरेलू सहायिका के तौर पर वह हर महीने करीब 2500 रुपये कमाती थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घर की आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने हालात के आगे हार नहीं मानी और संघर्ष करती रहीं। आखिर में बीजेपी से जुड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और साल 2026 में जब बीजेपी की पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत हुई तो कैबिनेट विस्तार में उनको मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।
वह पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट के काशेमनगर गांव की रहने वाली हैं। उनके परिवार में सात बहनें और एक भाई हैं। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। पति पेशे से प्लंबर हैं और उनका बेटा पार्थ आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बीजेपी ने अपने जमीनी स्तर के इस कार्यकर्ता के लगन को पहचाना और उन्हें विधायक का टिकट दिया। उन्होंने चुनाव जीता और मंत्री बन गईं। उन्होंने औसग्राम विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को करारी शिकस्त दी थी। कलिता माझी को 107,692 वोट मिले, जबकि श्याम लोहार को 95,535 वोट मिले। माझी ने 12,692 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
















