पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर काफी हलचल देखने को मिल रही है। हाल ही में कोलकाता के कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी की एक अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसे बाद में स्थगित करना पड़ा। यह बैठक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पार्टी के विधायकों के साथ संगठन की स्थिति की समीक्षा के लिए रखी गई थी।
कम उपस्थिति के कारण TMC बैठक टली
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में 80 विधायकों में से केवल करीब 19 से 20 विधायक ही शामिल हो पाए। इतनी कम उपस्थिति के कारण बैठक को आगे के लिए टालना पड़ा। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गईं। पार्टी के प्रवक्ता और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह किसी तरह की बगावत नहीं है। उनके अनुसार, कई विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने और स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में तनावपूर्ण माहौल और कथित घटनाओं के कारण कुछ विधायक कोलकाता नहीं पहुंच सके। यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से ही चर्चा में है। हाल ही के चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिला है।
चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए समीक्षा बैठकें कर रही हैं। इन बैठकों में कभी जीतने वाले विधायकों से बातचीत होती है, तो कभी हारे हुए उम्मीदवारों से हार के कारणों पर चर्चा की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना बताया जा रहा है। कालीघाट में बुलाई गई यह बैठक कई जगहों पर पुलिस कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की व्यस्तता के चलते विधायक अपने क्षेत्रों में ही काम कर रहे हैं।

















