भुवनेश्वर: देशभर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बीच ओडिशा सरकार ने राज्य की सीमा और तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बाद आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग भूमि और समुद्री मार्गों के जरिए ओडिशा में प्रवेश करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को मिले खुफिया इनपुट के बाद सीमा और तटीय जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बालेश्वर , मयूरभंज और केंद्रापड़ा पर विशेष फोकस
सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य के कई जिलों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। पश्चिम बंगाल से सटे बालेश्वर और मयूरभंज जिलों को संभावित घुसपैठ के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं समुद्री तट से जुड़े केंद्रापड़ा जिले में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में कार्रवाई के कारण कुछ अवैध प्रवासी वैकल्पिक ठिकानों की तलाश कर सकते हैं और ओडिशा के सीमावर्ती या तटीय क्षेत्रों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी कारण सीमा चौकियों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, किराये के मकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच तेज कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिला अधिकारियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने और स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रापड़ा में तटीय सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत, ड्रोन निगरानी और समुद्री गश्त बढ़ाई गई
केंद्रापड़ा जिला प्रशासन और समुद्री पुलिस ने तटीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर दिया है। विशेष रूप से महाकालपाड़ा और राजनगर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है, जिन्हें संवेदनशील समुद्री क्षेत्र माना जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर समुद्री पुलिस थानों ने ड्रोन सर्विलांस, रात्रिकालीन गश्त और समुद्री पेट्रोलिंग को तेज कर दिया है। पुलिस टीमों को 30 से 50 नॉटिकल मील तक समुद्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समुद्री मार्ग से आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जांच की जा रही है। मछली पकड़ने वाले कार्ड, आधार कार्ड और अन्य वैध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिन लोगों के पास वैध पहचान पत्र नहीं मिल रहे हैं, उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक खुफिया इनपुट का गंभीरता से विश्लेषण किया जा रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मत्स्य गतिविधियों पर भी विशेष नजर
तटीय सुरक्षा अभियान में मत्स्य विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अधिकारियों के अनुसार केंद्रापड़ा क्षेत्र में लगभग 392 पंजीकृत मछली पकड़ने वाली नौकाएं संचालित होती हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री पुलिस को निर्देश दिया है कि नौकाओं की गतिविधियों और समुद्री आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या समुद्री मार्ग के दुरुपयोग को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान लगातार किया जा रहा है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
डीजीपी ने भूमि और जलमार्गों पर कड़ी निगरानी के दिए निर्देश, रेलवे और तटीय पुलिस को किया गया अलर्ट ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया ने कहा है कि राज्य पुलिस भूमि और समुद्री दोनों मार्गों पर कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने बताया कि तटीय सुरक्षा पुलिस और रेलवे पुलिस को विशेष अलर्ट पर रखा गया है। सभी इकाइयों को परिवहन नेटवर्क, रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा, “पुलिस भूमि और जलमार्गों पर लगातार नजर रख रही है। तटीय सुरक्षा पुलिस और रेलवे पुलिस को सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी: कानून मंत्री
इससे पहले ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले वर्ष से ही पहचान अभियान चला रही है और कई मामलों में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें निर्वासित भी किया गया है। मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गृह विभाग इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर देख रहा है। हरिचंदन ने कहा, “राज्य सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है। पिछले वर्ष से पहचान प्रक्रिया शुरू की गई है। कई अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पहले ही निर्वासित किया जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहां राज्य सरकार इस मुद्दे को सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बता रही है, वहीं विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने इसकी गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। बीजद नेताओं का कहना है कि सरकार कुछ अलग-थलग घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है और एक छोटे मुद्दे को बड़ा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। पार्टी का दावा है कि ओडिशा में कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या राज्य की 4.5 करोड़ से अधिक आबादी की तुलना में बेहद कम है। बीजद नेताओं ने यह भी कहा कि पड़ोसी पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों की संख्या कहीं अधिक बताई जाती है, जबकि ओडिशा में ऐसे मामले सीमित हैं।
राज्यभर में सतर्कता जारी
राजनीतिक बहस के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क बनी हुई हैं। सीमा और तटीय क्षेत्रों में निगरानी अभियान जारी है तथा पुलिस, खुफिया एजेंसियां और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध प्रवेश को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम आगे भी जारी रहेंगे।











