पंजाब में नशा आज एक बड़ी समस्या बन चुका है। इसकी वजह से कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। सरकार और पुलिस लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, लेकिन कई जगहों पर आज भी खुलेआम नशा बिक रहा है। अब इस समस्या के खिलाफ गांव के लोग खुद आगे आने लगे हैं। ऐसा ही मामला अमृतसर के गांव मुच्छल से सामने आया है।
नशे के खिलाफ गांव वालों की बड़ी पहल
अमृतसर के चाटीविड थाना क्षेत्र में आने वाले गांव मुच्छल और आसपास के इलाकों में लंबे समय से नशा बिकने की शिकायतें मिल रही थीं। गांव वालों का कहना है कि यहां खुलेआम शराब, चिट्टा और प्रतिबंधित दवाएं बिकती हैं। बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि अब गांव में किसी भी तरह का नशा नहीं बिकने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी तय किया कि जो व्यक्ति नशा बेचेगा, खरीदेगा या नशा तस्करों का साथ देगा, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इस अभियान की अगुवाई कर रहे बलबीर सिंह मुच्छल ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि केवल पुलिस के भरोसे इस समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता। गांव के लोग अब खुद जागरूक होकर नशा तस्करों के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार को एक युवक गांव में नशा खरीदने आया था। गांव वालों ने उसे पकड़ लिया और समझाकर वहां से वापस भेज दिया। इसके अलावा गांव में रोजाना नाके लगाने का भी फैसला किया गया है ताकि संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा सके। गांव मुच्छल पहले भी चर्चा में रह चुका है। साल 2020 में यहां जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन गांव वालों का कहना है कि आज भी नशा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। वहीं पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है।

















