आजमगढ़ | उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने जनपद आजमगढ़ से 50 हजार रुपये के इनामी और शातिर अपराधी अब्दुल वाहिद को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ को पिछले काफी दिनों से इस फरार इनामी बदमाश के संबंध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं।
सटीक सूचना और घेराबंदी से हुई गिरफ्तारी
लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों और टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
यह पूरी कार्रवाई श्री शैलेश प्रताप सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज) के कड़े पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के कुशल नेतृत्व में की गई।
इसी क्रम में, 27 मई 2026 को एसटीएफ की फील्ड इकाई आजमगढ़ जनपद में आपराधिक अभिसूचना संकलन के लिए भ्रमणशील थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए इनामी अभियुक्त अब्दुल वाहिद की सटीक लोकेशन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। बिना कोई समय गंवाए एसटीएफ टीम ने घेराबंदी की और उपरोक्त स्थान से अभियुक्त को धर दबोचा।
आपराधिक इतिहास और पूछताछ में हुए खुलासे
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में अभियुक्त अब्दुल वाहिद ने अपने आपराधिक इतिहास को लेकर कई खुलासे किए:
- मूल निवासी: अभियुक्त ने बताया कि वह मूल रूप से ग्राम मुस्लिम पट्टी, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ का रहने वाला है।
- चोरी की वारदातें: वर्ष 2024 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में कई बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
- जेल की हवा: इन घटनाओं के संबंध में थाना निजामाबाद (आजमगढ़) में उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है।
- गैंगस्टर एक्ट और इनाम: वर्ष 2026 में थाना निजामाबाद में ही उसके और उसके साथी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) का गंभीर अभियोग पंजीकृत हुआ था। इस मामले में वह लगातार वांछित चल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार घोषित किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।










