26 मई का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण विशेष माना जाता है। यह दिन विज्ञान, राजनीति, अंतरिक्ष अनुसंधान और खेल जगत से जुड़ी कई अहम उपलब्धियों और घटनाओं का साक्षी रहा है। भारत और विश्व दोनों ही स्तरों पर इस तारीख ने अलग-अलग समय पर ऐसे मोड़ देखे हैं, जिन्होंने आगे चलकर इतिहास की दिशा को प्रभावित किया। इस दिन की घटनाएँ हमें यह समझने में मदद करती हैं कि समय के साथ मानव सभ्यता ने कैसे प्रगति की और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं।
1962 – राष्ट्रीय धातु दिवस भारत में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय धातु दिवस भारत में धातु विज्ञान और धातुकर्म के क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्योगों के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
1969 – अपोलो 10 सफल परीक्षण के बाद पृथ्वी पर लौटा।
पोलो 10 (Apollo 10) मिशन सफल परीक्षण के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित रूप से वापस लौटा। यह नासा के अपोलो कार्यक्रम का एक बहुत महत्वपूर्ण चरण था, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर उतरने से पहले सभी तकनीकी तैयारियों और प्रक्रियाओं का परीक्षण करना था। अपोलो 10 को “ड्रेस रिहर्सल” मिशन भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की कक्षा में जाकर लूनर मॉड्यूल को सतह के बहुत करीब तक ले जाकर परीक्षण किया, लेकिन वास्तव में चंद्रमा पर उतरे नहीं। इस मिशन की सफलता ने अगले ऐतिहासिक अपोलो 11 मिशन की नींव रखी, जिसमें पहली बार मनुष्य ने चंद्रमा की सतह पर कदम रखा था।












