यह कहा जाता है कि मुसलमानों में जातिभेद नहीं होता या कहा जाए कि जातियाँ होती ही नहीं हैं। वे केवल मुसलमान होते हैं और कुछ नहीं! मगर फिर भी कई फिरके हैं और बिरादरियाँ हैं। और इनमें आपस में शादियाँ भी सहज संभव नहीं हैं। पाकिस्तान के जितने भी ड्रामा भारत में दिखाई देते हैं, उनमें भी शादी या तो कुनबे में ही की जाती है या फिर खानदान देखकर। नस्ल न खराब हो जाए, इसलिए शादी करते समय खून, खानदान आदि देखा जाता है। कई कबीलाई रवायतों पर भी सीरियल्स बनाए जाते हैं। और इन्हीं से पता चलता है कि शादी किनमें हो सकती है और किनमें नहीं।
पाकिस्ताना की कबीलाई सोच
अब बात ड्रामा से निकल कर असल ज़िंदगी की। पाकिस्तान में कबीलाई मानसिकता और सोच अभी तक है और हाल ही की घटना से यह एक बार फिर से साबित हो गया है। सिंध में जकोबाबाद जिले में 17 मई को लगभग 100 घरों में आग भड़क उठी।
मगर यह आग अपने आप नहीं भड़की थी। इस आग को भड़काया गया था और यह आग इसलिए भड़की थी कि दो अलग बिरादरी के लड़के-लड़की ने अपने मन से शादी कर ली थी और हैदराबाद में एक अदालत में जाकर उस पर पक्की मोहर भी लगा ली थी।
एक निकाह ने बर्बाद कर दिया पूरा गांव
मीडिया के अनुसार, चन्ना बिरादरी की सिद्रा चन्ना ने बुरीरो बिरादरी के मोहम्मद हसन से अपने मन से निकाह कर लिया था और 4 मई को हैदराबाद की अदालत में जाकर इस पर कानूनी मोहर भी लगवा ली थी। इस कदम के बाद दोनों ही पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा और एक दूसरे को धमकियाँ दी जाने लगीं। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे।
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जहां लड़के वालों ने यह आरोप लगाया कि शादी के बाद लगभग 400 हथियारबंद लोगों ने बुरीरों बिरादरी के पूरे गाँव को घेरकर हमला कर दिया। इस भीड़ में सबसे आगे सद्दाम बुरीरों और अहमद अली चन्ना थे। उसने एक बाद एक करके घरों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी और देखते ही देखते हजारों परिवार सड़क पर आ गए। और कई लोगों की ज़िंदगी भर की पूंजी जलकर राख हो गई।
अनेक बिरादरियों में बंटे हैं मुसलमान
भारत से लेकर पूरे विश्व में लगातार यह कहा जाता है कि मुस्लिमों में जात-बिरादिरी नहीं होती है। सब एक समान होते हैं, मगर व्यवहार में ऐसा नहीं है। पाकिस्तान से लेकर हर अफगानिस्तान तक अनेक बिरादरियों में लोग बंटे हुए हैं और आपस में परस्पर निकाह नहीं होते हैं। पाकिस्तान में आए दिन ऐसे वाकये सामने आते रहते हैं।
साल 2025 में भीड़ ने क्वेटा में बानो बीबी नामक महिला और उसके प्रेमी अहसान उल्लाह की निर्मम तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी थी। और यह भी केवल इसलिए क्योंकि इन दोनों ने अपने मन से शादी कर ली थी जो उनके परिवार वालों को पसंद नहीं थी।
पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के भयावह आँकड़े
पिछले वर्ष पाकिस्तान में मानवाधिकार की रिपोर्ट के अनुसार वहाँ पर ऑनर किलिंग के आँकड़े भयानक हैं। इसके अनुसार, वर्ष 2024 में कम से कम 405 ‘ऑनर किलिंग’ के मामले दर्ज हुए थे। मगर मानवाधिकार के लिए काम करने वालों का यह मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है, क्योंकि कई मामले सामने नहीं आते हैं।
न जाने कितने मामले हैं जो घर में ही दफन हो जाते हैं। न जाने कितने राज लाशों में दफन हो जाते हैं। और ये हत्याएं पंजाब और सिंध में अधिक देखी जाती हैं।
100 घरों को केवल प्यार के लिए सजा दी गई?
अब इस घटना में भी यह प्रश्न उठता है कि आखिर सौ घर क्यों जला दिए गए? क्यों लोगों के जीवन भर की पूंजी इस तरह बर्बाद कर दी गई? क्यों एक आदमी के प्यार की तपिश में इन लोगों को जलना पड़ा? दूल्हे के पिता ने भी यही प्रश्न किया कि एक आदमी की शादी के लिए पूरे गाँव को क्यों सजा दी गई? उन्होनें कहा कि “हम कुछ नहीं कर सकते थे, बस हम मजबूरों की तरह खड़े रहे।“
जबकि लड़की वालों ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उनके गाँव से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। इनका कहना है कि उनकी नाबालिग लड़की को वह लड़का भगा ले गया है और उन्हें वह लड़की वापस चाहिए।
जोड़े ने वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार
जहां एक तरफ लड़की वाले यह दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर लड़के और लड़की का वीडियो भी जारी हुआ है। गाँव में घर जलाने की घटना के बाद इस जोड़े ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से शादी की है और उन्होंने सुरक्षा तथा न्याय के लिए सरकार से गुहार लगाई थी; उनका दावा था कि शादी के बाद उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। वहीं सरकार का कहना है कि 100 घरों को जलाए जाने की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यह असहनीय है।











