हाल के दिनों में भारतीय रेलवे में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में हुई इन घटनाओं के बाद रेलवे ने कहा है कि कुछ मामलों में असामाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कई जगह आग जानबूझकर लगाने की कोशिश की गई थी।
ट्रेनों में आग की घटनाओं से बढ़ी सुरक्षा चिंता
राजस्थान के अमरपुरा में ट्रेन की चादरों और बिस्तरों में आग लगाने की कोशिश हुई। वहीं पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा कपड़ा मिला। इससे शक है कि किसी ने आग फैलाने की योजना बनाई थी। कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से भी अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। बिहार के सासाराम में एक व्यक्ति ने खाली कोच में जलती हुई चीज फेंक दी, जिससे आग लग गई। इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में लगी आग की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई थी, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे को सतर्क कर दिया है। रेलवे का कहना है कि कुछ लोग यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि सफर के दौरान सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें।
इसी बीच मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में भी भीषण आग लग गई। सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन के B-1 एसी कोच में आग लगी। उस समय कोच में 68 यात्री मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ। इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें कोच से काला धुआं निकलता दिखाई दिया। आग के कारण इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। रेलवे अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में जुटा है ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।
















