मुंबई | मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन (पूर्व) के पास पश्चिम रेलवे (Western Railway) द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। हिंसक भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को डिमोलिशन ड्राइव के दौरान उग्र भीड़ ने लगभग एक घंटे तक पुलिस और सुरक्षाबलों पर पत्थर और पेवर ब्लॉक बरसाए। हालांकि, भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी और हमला करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने गुरुवार को 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी आरोपियों को आज बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया।
नाक की हड्डी टूटी, हाथ में हुआ फ्रैक्चर : हिंसा में पुलिसकर्मियों को आई गंभीर चोटें
इस हिंसक झड़प में 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से एक अधिकारी के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दूसरे की नाक की हड्डी टूट गई है। इसके अलावा, 10 अन्य जवानों को चोटें आई हैं।
इस पूरे प्रकरण पर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बुनियादी ढांचे के विकास और भूमि पुनर्विकास अभ्यास के हिस्से के रूप में मंगलवार से अनधिकृत संरचनाओं (अतिक्रमण) को हटाने का काम शुरू किया गया था। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) ने हाल ही में आधुनिकीकरण परियोजनाओं के लिए पास की जमीन निजी डेवलपर्स को नीलाम की है। इसी दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के चलते हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया।
85% काम पूरा: मुंबई को मिलेंगी 50 नई ट्रेनें; जानिए क्या है रेलवे का मास्टर प्लान
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने बताया कि अभियान में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा-
- प्रगति: “पहले दिन 20% और दूसरे दिन 60% काम हुआ। आज तक हमने संचयी रूप से लगभग 85% अतिक्रमण हटा दिया है।”
- सुरक्षा बल: मौके पर सिटी पुलिस, आरपीएफ (250 जवान) और जीआरपी (200 जवान) सहित लगभग 1200 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
- मानवीय दृष्टिकोण: “यह संवेदनशील मामला है। हमने कल 2000 से अधिक पानी की बोतलें और शाम को भोजन के पैकेट वितरित किए।”
- भविष्य की योजना: “इस जमीन के खाली होने के बाद बांद्रा टर्मिनस का विस्तार होगा, जिससे भविष्य में मुंबई के लिए 50 नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।”
सुरक्षा के लिए खतरा बनी थीं अवैध बस्तियां: बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली मंजूरी
उल्लेखनीय है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेलवे अधिकारियों को अनधिकृत संरचनाओं को हटाने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने पाया था कि रेलवे की जमीन पर अवैध बस्तियों के होने और कचरे के जमा होने से रेलवे के बुनियादी ढांचे और ट्रैक की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा था।
अब इस जमीन का उपयोग बांद्रा टर्मिनस के विस्तार और नई ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।











