NEET-UG पेपर लीक होने के कारण लाखों विद्यार्थियों को हुए कष्ट को देखते हुए केंद्र सरकार इस बार पूरी तरह से सख्त है। सरकार न केवल विभागीय तौर पर तैयार है, बल्कि किसी भी तरह की फेक न्यूज की घटनाओं से निपटने के लिए भी तैयार है। इसके लिए बड़ी टेक दिग्गज कंपनियों से भी मदद मांगी है। इन कंपनियों में मेटा, गूगल और टेलीग्राम जैसी कंपनियां शामिल हैं। कोशिश है कि फेक पेपर लीक की घटनाओं और अफवाहों पर विराम लगाया जा सके।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इसको लेकर बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठकर करके इनसे सहयोग मांगा। इसके लिए इन कंपनियों ने सरकार को आश्वासन भी दिया है। वहीं दूसरी ओर मंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय के साथ ही खुफिया विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की।
टेलीग्राम चैनल्स और बॉट्स की चिंता
दरअसल, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि अक्सर देखा जाता है कि परीक्षा के वक्त टेलीग्राम समेत कई प्लेटफॉर्म्स अचानक से कुछ समूह सक्रिय हो जाते हैं, जो फर्जी जानकारियां और बिना सत्यापन की खबरें प्रकाशित करने लगते हैं। इन पर रोक आवश्यक है।
कंपनियां दे रही हैं सहयोग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे परीक्षा से जुड़ी गलत सामग्री को पहचानने, ब्लॉक करने और हटाने में सक्रिय रूप से मदद करेंगे। मंत्री ने साफ निर्देश दिया कि मंत्रालय, NTA और पुलिस के साथ मिलकर ये कंपनियां फेक खबरों, प्रोपगैंडा और पैनिक फैलाने वाले पोस्ट्स को जल्दी हटाएं।
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डिजिटल निगरानी बढ़ाई जा रही
सरकार ने खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पहले ऑनलाइन गतिविधियों पर ज्यादा नजर रखी जाए। खासतौर पर एनक्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और उन ग्रुप्स पर ध्यान है जो दावा करते हैं कि वे परीक्षा का सामग्री पहले से उपलब्ध करा सकते हैं या “अंदर की खबर” दे सकते हैं।
री-एग्जाम की पृष्ठभूमि
यह सब उस री-एग्जाम से पहले हो रहा है जो मई 3 को हुए मूल परीक्षा रद्द होने के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे थे। इससे पहले भी NEET से जुड़े विवाद सामने आए थे – पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स और संगठित गड़बड़ियों के मामले।
मंत्री ने मंगलवार को री-NEET तैयारियों की समीक्षा में भी कहा था कि पिछली परीक्षा में जो कमजोरियां दिखीं, उन्हें पूरी तरह दूर किया जाए। राज्यों में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट्स और एसपी के साथ समन्वय बैठकों के जरिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम करने को कहा गया है।
छात्रों की सुविधाओं पर भी जोर
सरकार छात्रों के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे परिवहन, पीने का पानी और परीक्षा केंद्र पर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रही है। कुल मिलाकर कोशिश है कि इस बार परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।

















