फ्री हिंदू टेंपल्स: 13 साल बाद सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, जानें खबर
July 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

अन्य मजहब स्वतंत्र, तो हिंदू मंदिर क्यों नहीं? फ्री हिंदू टेंपल्स पर 13 साल बाद सुनवाई, VHP बोली- ‘तथ्य हमारे साथ हैं’

हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा 2012 में शुरू किए गए संघर्ष को सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। जुलाई 2026 में होने वाली इस ऐतिहासिक सुनवाई पर विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि तथ्य और तर्क हमारे साथ हैं, जीत हमारी होगी।

Written byShivam DixitShivam Dixit
May 20, 2026, 07:13 pm IST
in भारत
Free Hindu Temples Supreme Court VHP

नई दिल्ली | हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के दशकों पुराने संघर्ष में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। सर्वोच्च न्यायालय ने ‘मंदिरों की स्वाधीनता’ से जुड़ी उस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है, जिसे पिछले साल तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था।

कोर्ट के इस रुख से करोड़ों हिंदुओं में यह उम्मीद जगी है कि अब उनके मंदिरों का प्रबंधन, पैसा और परंपराएं पुनः समाज के हाथों में लौट सकेंगी।

इस पूरे मामले पर अपना वक्तव्य जारी कर विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि- यह विषय जुलाई में सुनवाई के लिए नियत किया गया है। हिन्दू अपने मंदिरों का स्वयं सञ्चालन करें और मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो। हिन्दुओं का पैसा हिन्दुओं के काम में आये। हिन्दू मंदिर स्वाधीन होने पर हिन्दू का संगठन, उसकी तेजस्विता और संस्कार युक्त जीवन पुनः अपने समाज को प्राप्त हो। मुकदमे में तथ्य और तर्क हमारे साथ हैं। श्री भगवान के आशीर्वाद से हम न्यायालय में सफल होंगे।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: खारिज याचिका को गुण-दोष पर सुनने की मंजूरी

सोमवार, 18 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश (अप्रैल 2025) को वापस ले लिया है। पिछले साल प्रतिपक्षी वकीलों के तर्कों के आधार पर कोर्ट ने याचिका यह कहकर खारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ताओं को अलग-अलग राज्यों के कानूनों को अपने-अपने राज्य के उच्च न्यायालयों में चुनौती देनी चाहिए।

हालांकि, याचिकाकर्ताओं के प्रबल तर्कों और पुनर्विचार याचिका (Review Petition) पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने स्वीकार किया कि इस विषय को गुण-दोष (Merits) के आधार पर सुना जाना अनिवार्य है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में तय की गई है।

विहिप के अनुसार इस कानूनी लड़ाई के मूल में वह ऐतिहासिक तथ्य है जो ब्रिटिश काल के दस्तावेजों में दर्ज है। ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल के दौरान तमिलनाडु और बंगाल में हुए सर्वेक्षणों से पता चला था कि मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था का केंद्र थे।

सर्वेक्षण के अनुसार-

  • शिक्षा का केंद्र: लगभग हर छोटे-बड़े मंदिर के साथ एक गुरुकुल जुड़ा हुआ था।
  • गौ-सेवा: मंदिरों में भव्य गौ-शालाएं संचालित होती थीं।
  • सामाजिक न्याय: समाज के आपसी झगड़े और विवाद मंदिर के गर्भगृह को साक्षी मानकर वरिष्ठ लोगों द्वारा सुलझाए जाते थे।
  • उत्सव और संस्कार: मुंडन, विवाह से लेकर शोक सभाएं और दीपावली-नवरात्रि जैसे उत्सव मंदिरों में ही सामूहिक रूप से मनाए जाते थे।

केवल हिंदू मंदिरों पर ही क्यों है ब्यूरोक्रेसी और बाबुओं का कब्जा?

विहिप का कहना है कि भारत का शासन संविधान की मर्यादा में धर्मनिरपेक्ष है। फिर भी अनेक राज्यों में सरकारें हिन्दू मंदिरों को अपने मुट्ठी में क्यों दबाये हुए हैं।

“जब सरकार गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद, जैन-स्थानक और बौद्ध-विहारों का संचालन नहीं करती, तो केवल हिंदू मंदिरों को ही सरकारी मुट्ठी में क्यों दबाया गया है?”

वर्तमान स्थिति की विडंबना:

  • चढ़ावे का सरकारी उपयोग: मंदिरों के चढ़ावे का बड़ा हिस्सा सरकारी खजाने में जा रहा है।
  • नौकरशाही का नियंत्रण: मंदिरों में सरकारी अधिकारी (Executive Officers) तैनात हैं, जिनका वेतन और भत्ते भी मंदिर की आय से ही लिए जाते हैं।
  • संतों की अनदेखी: नियंत्रण मठाधिपतियों या धार्मिक संतों के बजाय ‘बाबुओं’ के हाथ में रहता है।

स्वामी दयानन्द सरस्वती का 13 साल पुराना संघर्ष

विहिप ने बताया कि इस कानूनी जंग की शुरुआत पूज्य स्वामी दयानन्द सरस्वती ने साल 2012 में की थी। उन्होंने मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी के संदर्भ में याचिका दायर की थी। 13 वर्षों तक यह मामला तारीखों के जाल में फंसा रहा, लेकिन अब 2026 में न्याय की उम्मीद की किरण दिखाई दी है।

जुलाई में होने वाली सुनवाई के मुख्य उद्देश्य

विहिप के अनुसार हिंदू समाज का संकल्प स्पष्ट है और जुलाई की सुनवाई में निम्न बिंदुओं पर जोर दिया जाएगा-

  • स्वायत्त प्रबंधन: मंदिरों का नियंत्रण सरकार से वापस लेकर समाज और संतों को सौंपा जाए।
  • धन का सही उपयोग: हिन्दुओं का पैसा केवल हिंदू धर्म के प्रचार, गुरुकुलों के उत्थान और समाज के कल्याण के काम आए।
  • पुनर्जागरण: मंदिर स्वाधीन होने पर समाज का संगठन, संस्कार युक्त जीवन और तेजस्विता फिर से बहाल हो सके।

न्याय की ओर बढ़ते कदम

विहिप की माने तो इस मुकदमे के तथ्य और तर्क पूरी तरह याचिकाकर्ताओं के पक्ष में हैं। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में होने वाली ये महत्वपूर्ण सुनवाई हिंदू मंदिरों के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी।

Topics: July 2026 HearingTemple Autonomy Indiaसुप्रीम कोर्टAlok kumar vhpसरकारी नियंत्रणफ्री हिंदू टेंपल्स (Free Hindu Temples)हिंदू मंदिर स्वाधीनताSwami Dayanand Saraswati 2012
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

supreme court

सुप्रीम कोर्ट में आज पेपर लीक पर सुनवाई: PIL में एक समान जांच व्यवस्था और संपत्ति जब्ती की मांग

Supreme Court Cast Census

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: EC शंकास्पद नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटा सकता है, लेकिन नागरिकता तय नहीं कर सकता

ज्ञानवापी विवाद: सुप्रीम कोर्ट की सुलह पहल बेनतीजा, दोनों पक्षों का मध्यस्थता से इनकार

supreme court

काशी, मथुरा और संभल मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के समझौते प्रस्ताव से दोनों पक्षों ने किया इनकार

supreme court

जानिये राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? अब अगली सुनवाई 20 जुलाई को

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय के गौहत्या प्रतिबंध के फैसले पर लगाई रोक, जानिये क्या है पूरा मामला

Load More

ताज़ा समाचार

CJP continues protest

सोशल मीडिया की लोकप्रियता से सड़क की राजनीति तक, सीजेपी आंदोलन क्यों घिरा विवादों में?

Himachal Weather: हिमाचल में 6 दिन भारी बारिश की चेतावनी, शिमला में भूस्खलन, प्रदेश भर में 150 सड़कें बंद

Gold Silver Price Today

Gold Silver Rate Today: सोने में आई तेजी, चांदी के दाम स्थिर, जानिए आज का ताजा भाव

दिल्ली मेट्रो

Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खबर! 16 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

AI generated image

भुखमरी कम करने में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा हीरो, UN रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

AI generated image

अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, फ्रांस ने लागू किया सख्त कानून

US-Iran War: US ने 11वें दिन भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम, तेहरान में वायु रक्षा प्रणाली एक्टिव

केसीपी के 46 उग्रवादियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है

मणिपुर: CM के सामने 46 उग्रवादियों ने छोड़ी हिंसा की राह, 28 आधुनिक हथियार भी किए जमा

अमेरिका-सऊदी अरब में न्यूक्लियर डील, परमाणु हथियारों को लेकर बढ़ी चिंता

प्रदर्शन करते कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक।

संसद भवन के पास भारी भीड़ होगी, 250 किसान संगठन… उग्र प्रदर्शन से पहले अमेरिकी दूतावास को इतनी जानकारी कैसे मिली?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies