मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा कि “लोग मुझसे पूछते हैं, आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है, आप जाकर देख लो, नहीं होती है। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा? क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? ”
उन्होंने कहा कि “जहां उसका स्थल होगा वहां जाकर करें, और लोगों ने मुझसे कहा, कहां कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है? हमने कहा शिफ्ट में कर लो। तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो संख्या नियंत्रित कर लो, और नहीं है सामर्थ्य क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही? और ये चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है, तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें। कानून का राज होगा, कानून के राज को सबको समान रूप से लागू करेंगे।”
उन्होंने कहा कि “नमाज पढ़नी आवश्यक है, आप शिफ्ट में पढ़िए। हम उसको रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं। सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए।”
















