नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले की जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट के मुख्य किरदारों में से एक शुभम खैरनार की नजर पढ़ाई में कमजोर अमीर परिवारों के बच्चे पर थी। जांच एजेंसियों को इस बात का संदेह है कि आरोपी शुभम खैरनार डॉक्टर बनाने के नाम पर इन अमीर परिवारों के छात्रों के साथ करोड़ों रुपये की डील करता था। कुछ अमिर परिवारों के छात्रों के माता-पिता शुभम खैरनार के संपर्क में भी थे।
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कोचिंग संचालकों और शुभम के संपर्कों की जांच कर रही है CBI
नीट पेपर लीक मामले में नासिक और आसपास के कई प्रतिष्ठित कोचिंग संचालकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुछ कोचिंग संचालकों ने मेडिकल में दाखिले के लिए छात्रों के माता-पिता को आरोपी शुभम खैरनार से संपर्क करवाया था। अब इस पूरे मामले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। सीबीआई (CBI) अब इस पूरे मामले को बेनकाब करने के लिए कोचिंग संचालकों और शुभम के संपर्कों की जांच कर रही है।
खुद मेडिकल का छात्र है आरोपी शुभम
NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपियों में से एक शुभम खुद मेडिकल का छात्र है। वह भोपाल के एक कॉलेज में आयुर्वेदिक चिकित्सा के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। जांच में सामने आया है कि शुभम ‘SR एजुकेशन कंसल्टेंसी’ के माध्यम से एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था। यह नेटवर्क महाराष्ट्र के बाहर भी अन्य राज्यों तक फैला था। शुभम को 12 मई को नासिक से हिरासत में लिया गया था। बता दें कि NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है। यह पूरी जांच एक ऐसे नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है जिसमें परीक्षा से जुड़े अंदरूनी लोग, बिचौलिए और कोचिंग संस्थान शामिल हैं।
इससे पहले खुलासा हुआ था कि NEET (UG) 2026 के लीक पेपर को लाखों में बेचा गया था। यह लीक पेपर हजारों छात्रों तक पहुंचा था। जयपुर और हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने NEET का पेपर 10 से 15 लाख रुपये में बेचा था। जांच में सामने आया है कि यह लीक पेपर कुछ जगहों पर 25 से 30 लाख रुपये तक में खरीदा गया था। इस पूरे गिरोह से जुड़े हुए लोगों ने एक ही पेपर को कई छात्रों को बेचकर करोड़ों रुपये की कमाई की थी। हरियाणा से पेपर लीक होने के बाद यह जयपुर और सीकर जैसे कोचिंग हब में ‘गेस पेपर’ के नाम पर फैलाया गया। इस गेस पेपर में असली पेपर के बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल छिपाकर छात्रों तक पहुंचाए गए। यह गेस पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही सर्कुलेशन में आ गया था। सबसे पहले 2 मई की रात इसे PDF के रूप में शेयर किया गया और 3 मई की परीक्षा के बाद जब सवालों का मिलान हुआ तो बड़ी संख्या में प्रश्न मैच होने से पूरे मामले का खुलासा हो गया।















