नई दिल्ली: NEET (UG) 2026 पेपर लीक मामले की जांच में सामने आया है कि लीक पेपर को लाखों में बेचा गया था। यह लीक पेपर हजारों छात्रों तक पहुंचा था। अब इस पेपर लीक का महाराष्ट्र कनेक्शन और भी गहरा होता दिख रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, जयपुर और हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने NEET का पेपर 10 से 15 लाख रुपये में बेचा था।
एक ही पेपर कई छात्रों को बेचकर करोड़ों की कमाई
जांच में सामने आया है कि यह लीक पेपर कुछ जगहों पर 25 से 30 लाख रुपये तक में खरीदा गया था। इस पूरे गिरोह से जुड़े हुए लोगों ने एक ही पेपर को कई छात्रों को बेचकर करोड़ों रुपये की कमाई की। जांच एजेंसियों के पास इस बात के सबूत हाथ लगे हैं। जांच में इस पेपर लीक प्रकरण में संगठित नेटवर्क के शामिल होने के संकेत मिले हैं।
कहां से लीक हुआ ये पेपर? ऐसे हुआ इस प्रकरण का भंडाफोड़
हरियाणा से पेपर लीक होने के बाद यह जयपुर और सीकर जैसे कोचिंग हब में ‘गेस पेपर’ के नाम पर फैलाया गया। इस गेस पेपर में असली पेपर के बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल छिपाकर छात्रों तक पहुंचाए गए। यह गेस पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही सर्कुलेशन में आ गया था। सबसे पहले 2 मई की रात इसे PDF के रूप में शेयर किया गया और 3 मई की परीक्षा के बाद जब सवालों का मिलान हुआ तो बड़ी संख्या में प्रश्न मैच होने से पूरे मामले का खुलासा हो गया। सीकर के एक पीजी संचालक को ‘गेस पेपर’ संदिग्ध लगा और इसके बाद इस पूरे प्रकरण का भंडाफोड़ हुआ। इस पूरे मामले में करीब 150 लोगों को संदिग्ध माना गया है और करीब 20 मुख्य संदिग्धों पर जांच एजेंसियों का फोकस है। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
यह लीक पेपर हरियाणा, राजस्थान से होते हुए महाराष्ट्र तक पहुंचा। पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने एक आरोपी धनंजय लोखंडे को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। महाराष्ट्र में इस मामले में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस पेपर लीक का असर करीब 23 लाख छात्रों पर पड़ा है। एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी है और अब विद्यार्थियों को यह परीक्षा फिर से देनी होगी।

















