प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज देश के छोटे और गरीब किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत साल 2019 में की थी। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देना है ताकि वे खेती से जुड़ी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें। इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है। हर चार महीने में 2 हजार रुपये की एक किस्त मिलती है।
पीएम किसान की अगली किस्त के लिए ई-केवाईसी जरूरी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से योजना की 22वीं किस्त जारी की थी। अब किसानों को 23वीं किस्त का इंतजार है। उम्मीद की जा रही है कि जून से जुलाई 2026 के बीच अगली किस्त किसानों के खातों में आ सकती है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी करवाना जरूरी कर दिया है। जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनकी अगली किस्त रुक सकती है। इसलिए सभी किसानों को समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। ई-केवाईसी करने के लिए किसान घर बैठे मोबाइल से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “फार्मर्स कॉर्नर” में ई-केवाईसी विकल्प चुनना होता है। फिर आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा किया जाता है।
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यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं देती, बल्कि किसानों का हौसला भी बढ़ाती है। छोटे किसान इस पैसे का उपयोग बीज, खाद, सिंचाई और खेती के दूसरे जरूरी कामों में करते हैं। इससे उनकी आर्थिक परेशानी कुछ हद तक कम होती है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से रासायनिक खाद का कम इस्तेमाल करने की अपील भी की है। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उनका कहना है कि ज्यादा रासायनिक खाद इस्तेमाल करने से मिट्टी की ताकत कम हो जाती है और खेती को नुकसान होता है। इसलिए किसानों को धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। आज जरूरत है कि किसान नई तकनीक और प्राकृतिक खेती को अपनाएं। इससे खेती की लागत कम होगी, जमीन उपजाऊ बनी रहेगी और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। पीएम किसान योजना और सरकार की दूसरी योजनाएं किसानों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।












