लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राएं हमेशा ही विवादों में रहती हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया है कि राहुल गांधी के द्वारा 2004 से 2026 के बीच घोषित 54 विदेश यात्राओं पर अनुमानित ₹60 करोड़ खर्च हुए हैं। पात्रा ने दावा किया है कि राहुल गांधी की घोषित आय और उनकी यात्राओं के खर्चे में भारी अंतर है। राहुल गांधी के हलफनामे के मुताबिक, पिछले 10 साल में उनकी जो घोषित आय 11 करोड़ के करीब ही है तो इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया? राहुल गांधी की कई यात्राएं अघोषित रही हैं। इनमें ओमान, दुबई, वियतनाम और इटली जैसी यात्राएं शामिल हैं।
विदेश यात्राओं पर खर्च आय से अधिक
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर खर्च उनके आय से बहुत ही अधिक है। भाजपा ने इसे लेकर कई कानूनी सवाल भी उठाए हैं। भाजपा ने एफसीआरए कानून का हवाला देते हुए पूछा है कि यदि यह यात्राएं विदेश से प्रायोजित थी तो क्या इनके लिए गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति ली गई थी? भाजपा ने राहुल गांधी पर आरोप में आयकर अधिनियम 1961 का भी हवाला दिया है।
विदेश यात्रा की विदेश यात्राएं अक्सर उनके विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं।
भारत विरोधी तत्वों से राहुल गांधी की आत्मीयता
विदेश यात्राओं में राहुल गांधी जिन लोगों से मुलाकात करते हैं या मंच साझा करते हैं वो भी भारत में सवालों के घेरे में रहते हैं। राहुल गांधी ने कई अवसरों पर देश के खिलाफ मानसिकता रखने वालों से भी बेरोकटोक मुलाकात की है। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिकी सांसद इल्हान उमर हैं। राहुल गांधी ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान भारत विरोधी और पाकिस्तान परस्त मजहबी कट्टरपंथी मानसिकता रखने वाली अमेरिकी सांसद इल्हान उमर से मुलाकात की थी। उमर ने 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए संबोधन का बहिष्कार किया था। इसके अलावा राहुल गांधी ने अमेरिकी यात्रा के दौरान भारत विरोधी लेख प्रकाशित करने वाले बांग्लादेशी पत्रकार मुश्फिकुल फजल अंसारी से भी मुलाकात की थी। विदेश में राहुल गांधी केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाकर भारत को बदनाम करने का प्रयास कर चुके हैं। राहुल ने 2022 में ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता और भारत से नफरत करने वाले जेरेमी कॉर्बिन से भी मुलाकात किया था। जेरेमी कॉर्बिन कश्मीर के अलगाववाद के पैरोकार के अलावा खुले तौर पर सनातन धर्म के खिलाफ बयान देने के लिए कुख्यात है।
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राहुल गांधी के भारत विरोधी दोस्तों की लिस्ट है लंबी
राहुल गांधी के दोस्तों की सूची में नेपाली मूल की सीएनएन की पत्रकार सुम्निमा उदास भी है जो भारत के खिलाफ कई बार लेख लिख चुकी है। सुम्निमा उदास भारत के हिस्से को नेपाल बताने के अलावा दिल्ली को बलात्कार की राजधानी संबोधित कर चुकी है। 2022 में राहुल गांधी सुम्निमा उदास की शादी में शामिल होने के लिए नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे।
राहुल के वामपंथी प्रेम के तो क्या ही कहने
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का जॉर्ज सोरोस से गठजोड़ पुराना है। जॉर्ज सोरोस के करीबी सहयोगी सलील शेट्टी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ हाथ मिलाकर चल रहे थे। सलील शेट्टी जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के बड़े भूमिका में जुड़े रहे हैं जो अपने भारत विरोधी एजेंडा को लेकर पूरी दुनिया में जानी जाती है। इतना ही नहीं बल्कि, राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस से संबंध रखने वाली सुनीता विश्वनाथन और विजय महाजन से भी मुलाकात कर चुके हैं। सुनीता विश्वनाथन ने इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल जैसे कट्टरपंथी संगठनों के साथ कई कार्यक्रमों की मेजबानी की थी।
हिन्दुत्व विरोधी है वामपंथी सुनीता
इसके अलावा इस संगठन पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ सांठगांठ का भी आरोप है। सुनीता विश्वनाथन हिंदुत्व की विचारधारा की भी कट्टर विरोधी है। राहुल गांधी विदेश यात्रा के दौरान अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू से भी मुलाकात किया था, जिस पर नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन करवाने के आरोप हैं। राहुल गांधी पाकिस्तानी प्रोफेसर कमल मुनीर से भी मुलाकात करते हैं, जिसे पाकिस्तानी सरकार का एक बहुत बड़ा सम्मान तमग़ा-ए-इम्तियाज़ से नवाज़ा जा चुका है।
विदेशों में भारत को बदनाम करने का है राहुल का इतिहास
राहुल गांधी ने कई विदेश यात्राओं में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर देश के विरोध में बातें बोली हैं। राहुल गांधी ने विदेश की धरती पर कहा था कि वर्तमान सरकार मुस्लिम ब्रदरहुड जैसा व्यवहार कर रही है। राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में लोकतंत्र (डेमोक्रेसी) नहीं है और अमेरिका सहित सारे दक्षिणी देशों को एक होकर भारत में लोकतंत्र (डेमोक्रेसी) लाने का प्रयास करना चाहिए। 2023 में राहुल गांधी लंदन यात्रा के दौरान जर्नलिस्ट एसोसिएशन नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत के लोकतंत्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले अमेरिका और यूरोप इसे सब कुछ चुपचाप देख रहे हैं।
चुनाव आय़ोग को विदेशों में किया बदनाम
राहुल गांधी ने अपने अमेरिकी दौरे पर भारत की चुनावी प्रणाली पर कई सवाल उठाए थे। बोस्टन के एक यूनिवर्सिटी में राहुल ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग पर निष्पक्षता के साथ समझौता करने के आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत का चुनाव आयोग कॉम्प्रोमाइज है और उसके सिस्टम में बहुत गलत चल रहा है।
विदेशी धरती पर जाकर राहुल गांधी जहां एक तरफ भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, वहीं दूसरी तरफ अक्सर चीन की तारीफ में कसीदे भी पढ़ते हैं। 2023 में उन्होंने बेल्जियम में चीन की उत्पादन क्षमता की तारीफ की थी। 2024 में राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा था कि भारत में बेरोजगारी है, लेकिन चीन में बेरोजगारी की समस्या नहीं है।
















