लैटिन अमेरिका में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला है। यहां पहली बार भगवान गणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। अब ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयघोष भारत से लेकर लैटिन अमेरिका तक गूंज रहा है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह ब्राजील के पेट्रोपोलिस स्थित विश्व विद्या सांस्कृतिक केंद्र (Centro Cultural Vishva Vidya) में आयोजित किया गया, जो वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। ब्राजील में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया, ब्राजीलियाई शिक्षक जोनास मासेटी के साथ समारोह में उपस्थित हुए। मौके पर बड़ी संख्या में भक्त और हिंदू समुदाय के सदस्य भी शामिल हुए। इसका वीडियो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया पर साझा किया।
अनमोल पल : ब्राज़ील के पेट्रोपोलिस स्थित Centro Cultural Vishva Vidya में भगवान गणेश की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। भारत के राजदूत एवं पद्मश्री आचार्य की उपस्थिति में आयोजित यह समारोह सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को चित्रित कर रहा है। लैटिन अमेरिका में यह पहली बार हुआ है।… pic.twitter.com/yiZa6HteUO
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) May 12, 2026
दक्षिण अमेरिका में हिंदू धर्म का बढ़ता प्रभाव
यह कार्यक्रम भारत और ब्राजील के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला और दक्षिण अमेरिका में हिंदू धर्म के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। दक्षिण अमेरिका में लगभग तीन से चार लाख हिंदू रहते हैं। इस आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुयाना और सूरीनाम में रहता है। इस मूर्ति को रियो डी जनेरियो के पेट्रोपोलिस में स्थित विश्व विद्या सांस्कृतिक केंद्र में स्थापित किया गया है, जिसकी स्थापना जोनास मासेटी ने की थी। जोनास मासेटी ने भारतीय वैदिक संस्कृति अपनाकर ‘वेदांताचार्य’ के रूप में वैश्विक पहचान बनाई है। उन्हें आचार्य विश्वनाथ के नाम से भी जाना जाता है। वह एक ब्राजीलियाई वेदांत और योग शिक्षक हैं, जिन्हें भारत सरकार ने मई 2025 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
वीडियो, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं। इंडिया इन ब्राजील के आधिकारिक अकाउंट से इन तस्वीरों और वीडियो को शनिवार (9 मई) को साझा किया गया। यूजर्स ने इसकी सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है। एक यूजर ने लिखा, “वाह, ब्राजील में भगवान गणेश की मूर्ति देखकर बहुत अच्छा लगा। आखिरकार हजारों सालों बाद सनातन को फिर से उसका सही सम्मान मिल रहा है।” एक अन्य यूजर ने तारीफ करते हुए कहा, “भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए यह एक गर्व का पल है। भगवान गणेश की पूजा को दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंचते देखना यह दिखाता है कि हिंदू परंपराएं कैसे सीमाओं के पार भी लोगों को जोड़ सकती हैं।”
भाजपा ने आज (12 मई) इन तस्वीरों और वीडियो को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किया, जिसे लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

















