पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई भाजपा सरकार ने कट्टरपंथियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसी के तहत मुख्यमंत्री अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वो ये सुनिश्चित करे की धार्मिक जगहों पर लाउडस्पीकर की आवाज़ उसके प्रांगण से बाहर न जाए। साथ ही, नमाज़ या प्रार्थना सभाएं करने के लिए सड़कों को जाम करके आम लोगों को परेशान न करें, सिवाय खास मौकों के। सीएम ने ये निर्देश शपथ लेने के बाद IPS अधिकारियों के साथ पहली बैठक में दिए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नबन्ना में ये बैठक हुई। इसमें डीजीपी एसएन गुप्ता, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अजय रानाडे और कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद जैसे अधिकारी शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कानून सब पर बराबर लागू होना चाहिए, बिना किसी भेदभाव के।
मौलानाओं के बदले सुर
राज्य में टीएमसी की सरकार के दौरान हर वक्त धमकियां देने वाले मौलानाओं के सुर बदल गए हैं। इसी क्रम में इस्लामिक नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया। नाखोदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम ने कहा, “हम कानून मानने वाले नागरिक हैं। अगर सरकार यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी धार्मिक कार्यक्रम सड़क ब्लॉक न करे तो हम उसका समर्थन करते हैं। कानून हर समुदाय पर बराबर लागू होना चाहिए, बिना भेदभाव के।”
सरबा भारतीय प्राच्य अकादमी के प्रिंसिपल जयंत कुशारी ने कहा, “यह सिविल सोसाइटी का तरीका होना चाहिए। प्रार्थना व्यक्तिगत और आध्यात्मिक बात है। किसी भी धर्म की किताब में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल अनिवार्य नहीं है। धर्मों को एक-दूसरे के साथ रहना चाहिए, लेकिन नागरिक जिम्मेदारी, आम सुविधा और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करते हुए।”
कानून-व्यवस्था पर अन्य निर्देश
बैठक की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने भविष्य की कानून-व्यवस्था की रूपरेखा बताई। उन्होंने अवैध हथियारों की बरामदगी पर जोर दिया। चुनाव बाद हिंसा, गुंडागर्दी और वसूली के मामलों में FIR दर्ज करके गिरफ्तारियां करने को कहा है। सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई, नॉन-बेलेबल केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए। भाजपा ने चुनाव में कोयला, रेत और पत्थर की अवैध तस्करी को बड़ा मुद्दा बनाया था, इसलिए पुलिस को जीरो टॉलरेंस बरतने को कहा गया है।
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महिला हिंसा से जुड़े केस दोबारा खुलेंगे
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2021 और 2024 के पोस्ट-पोल मामलों समेत रेप, अटेम्प्टेड रेप और छेड़छाड़ के पुराने केस दोबारा खोलें। फिलहाल 1,300 से ज्यादा पोस्ट-पोल केस जांच के दायरे में हैं। 2021 के कुछ शिकायतें जो सिर्फ GD एंट्री थीं, उन्हें भी जहां जरूरी हो FIR में बदलने को कहा गया है।
गौ तस्करी रोकने पर जोर
गाय तस्करी रोकने पर भी जोर है। 14 साल से ज्यादा उम्र के मवेशियों के परिवहन के लिए वेटरनरी अधिकारी की अनुमति जरूरी होगी। अवैध स्लॉटरहाउस नहीं चलने दिए जाएंगे। रोड सेफ्टी पर भी निर्देश दिए गए। हेलमेट का सख्ती से पालन कराने को कहा। मुख्यमंत्री के मूवमेंट के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए हूटर्स का बेवजह इस्तेमाल न करने को कहा गया। सड़कों पर अवैध टोल वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

















