पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। इस मामले की जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है और पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है। शुरुआती जांच से साफ लग रहा है कि यह हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी।
50 सेकंड में हुआ खूनी हमला
6 मई की रात चंद्रनाथ रथ मध्यमग्राम इलाके में अपने घर लौट रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर उनकी कार को निशाना बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, एक सिल्वर रंग की कार ने उनकी गाड़ी को रोका और फिर बाइक सवार बदमाशों ने करीब से फायरिंग कर दी। पूरी घटना सिर्फ 50 सेकंड में हुई और हमलावर वहां से फरार हो गए। इस हमले में चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए। जांच कर रही SIT का मानना है कि इस हत्या में पेशेवर शार्पशूटर शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों को पहले से पता था कि उनका टारगेट गाड़ी में कहां बैठा है। यही वजह है कि हमला बहुत तेजी और सटीक तरीके से किया गया।
पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों से कई अहम सुराग मिले हैं। फुटेज में सिल्वर हैचबैक और दूसरी संदिग्ध गाड़ियां दिखाई दी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने भागने के लिए चोरी की गाड़ियों और बाइक का इस्तेमाल किया था। इन वाहनों पर नकली नंबर प्लेट लगाई गई थीं ताकि पुलिस उन्हें आसानी से पकड़ न सके। इस मामले में सबसे बड़ा सुराग एक UPI पेमेंट से मिला। पुलिस को पता चला कि हमलावरों ने टोल प्लाजा पर FASTag की जगह डिजिटल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रेल के जरिए जांच झारखंड तक पहुंची। पुलिस को शक है कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार वहीं से खरीदी गई थी। जांच अब उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा तक फैल गई है। पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे अंतरराज्यीय अपराधियों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इसी दौरान बिहार के बक्सर से विशाल श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में इस हत्याकांड से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं।
















