आसनसोल के बस्तिन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। भाजपा की चुनावी जीत के बाद इस मंदिर का खुलना न केवल धार्मिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
भाजपा की जीत के बाद मां दुर्गा मंदिर फिर से खुला
आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र में स्थित श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट का यह मंदिर लंबे समय से नियमित पूजा-पाठ से वंचित था। वर्ष 2009 के बाद से मंदिर के दरवाजे आम दिनों में बंद ही रहते थे और केवल दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और काली पूजा जैसे विशेष अवसरों पर ही सीमित समय के लिए इसे खोला जाता था। ऐसे में स्थानीय श्रद्धालुओं के मन में लंबे समय से यह इच्छा थी कि मंदिर को नियमित रूप से खोला जाए। सोमवार को जब आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी की जीत की घोषणा हुई, तो इसका असर तुरंत ही इस मंदिर पर देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं और सनातन संगठनों के लोगों ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और मंदिर के ताले खोल दिए। जैसे ही मंदिर खुला, घंटियों की आवाज और “जय श्रीराम” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। अगले दिन भी मंदिर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली, जो इस बात का संकेत है कि लोगों में इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
चुनाव के दौरान यह मंदिर चर्चा का विषय बना हुआ था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपनी एक चुनावी सभा में इस मंदिर का उल्लेख किया था, जिससे यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया था। भाजपा के नव-निर्वाचित विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए मंदिर को बंद रखा था। मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख संजय अग्रवाल का कहना है कि नई सरकार के गठन के बाद जब उन्हें आधिकारिक रूप से अनुमति और आवश्यक पत्र मिल जाएंगे, तब मंदिर के विकास और नियमित संचालन को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे। खास बात यह है कि इस वर्ष मंदिर अपने निर्माण के 75 वर्ष पूरे कर रहा है।

















