बंगाल में पहली बार जनादेश मिलने के साथ ही देश में उत्तराखंड के गंगोत्री से पश्चिम बंगाल के गंगा सागर तक भाजपा ने अपनी विजय का परचम लहरा दिया। बंगाल में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है. रूझानों में अब तक भाजपा को 190 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं, और तृणमूल को 97 सीटें मिलती दिख रही हैं. उत्तराखंड में भाजपा ने हर हर महादेव तो बंगाल में जय मां काली का मंत्रोच्चार कर जयतु सनातन का उद्घोष किया।
गंगोत्री से गंगासागर
गंगोत्री देवभूमि उत्तराखंड में है और उत्तराखंड भाजपा शासित है, वहीं आगे बढ़ेंगे तो उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार है, अर्थात हरिद्वार से निकलकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाली गंगा जब बिहार पहुंचती हैं तो वहां भी अब भाजपा के मुख्यमंत्री है. और अब पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी की सरकार बन रही है.
बंगाल में वोटों की गिनती अंतिम चरण में
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे करीब-करीब साफ हो चुके हैं. कुल 294 में से 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती अपने अंतिम चरण में है. अतः बंगाल में भाजपा सरकार तय है I इसलिए अब यह भी स्पष्ट हो गया गंगोत्री से गंगासागर (बंगाल) तक भगवा लहरा रहा है I
जिहादी कॉरिडोर को कुचलते नतीजे
पाकिस्तान से उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश, बिहार,बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक जिहादी कॉरिडोर बनाने का सपना देखने वाले इस्लामिक थिंक टैंक को भारत की जनता करार जवाब दिया है, विभिन्न प्रकार के षड्यंत्रों, अपनी जनसँख्या बढाकर, अनेक प्रकार के अपराधों का सहारा लेते हुए, देहरादून, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर,मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ, बरेली, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, बनारस, गाजीपुर, गया, धनबाद, बंगाल के दुर्गापुर, बर्धमान,कोलकाता होते हुए बंग्लादेश देश तक एक रूट पर इस्लामिक थिंक टैंक काम कर रहा था। भारत की जनता से उनके नापाक इरादों को पलीता लगा दिया I और राष्ट्रवाद का ध्वज लेकर समर्पित भाव से राष्ट्र सेवा में संलग्न राजनैतिक दल भाजपा, जिसका सशक्त नेतृत्व नरेन्द्र मोदी कर रहे हों ऐसे हाथों सत्ता सौंप कर इस्लामी कोरिडोर का सपना चकनाचूर कर दिया I
इन राज्यों में क्यों है जरूरी भाजपा
धार्मिक असंतुलन बढ़ाने का आधार यही क्षेत्र है, आप देखेंगे, दारुल उलूम देवबंद, बरेली की दरगाह, लखनऊ का नदवा कॉलेज, बिहार, झारखण्ड और पूरा बंगाल इस्लाम के विस्तार के लिए चराहगाह के रूप में इस्लामिक थिंक टैंक द्वारा देखा जा रहा था I राज्यवार दृष्टि डाले तो समझ आएगा कि उत्तराखंड में सशक्त धामी सरकार, जिसने सबसे पहले UCC कानून लागू किया, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून को और अधिक सख्त बनाया, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। मदरसा बोर्ड में बदलाव किये अप्रैल 2026 में, धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड को भंग कर सभी मदरसों को “स्टेट माइनॉरिटी एजुकेशन अथॉरिटी” के तहत लाने और NCERT पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया। लैंड जिहाद’ के खिलाफ अभियान चलाया I ऐसे ही उत्तर प्रदेश में जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है I अब बिहार में कम चल रहा है, बंगाल में भाजपा आने के उपरांत बंगाल में भय, भूख और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाकर भाजपा बंगाल में हिन्दुओं को भयमुक्त शासन मिल सकेगा I राज्य से अनधिकृत नागरिकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी I

















