लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष, खासतौर पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संशोधन 2029 में ही लागू होना था, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन ने लोकसभा में इसका विरोध किया। जब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा व परिश्रम से लोहा मनवा रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व दे रही हैं, तो आप लोग क्यों बाधक बन रहे हैं? वेलफेयर स्कीम्स से आगे बढ़कर अब उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नीति-निर्धारण में भागीदारी का अधिकार मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि “जो लोग काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्वपूर्ण प्रस्ताव गिराकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी ने यही कलंक बनने का काम किया। प्रस्ताव गिरते ही एक-दूसरे को बधाई दी और नारेबाजी की कि हमने महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने दिया। यह आपका आचरण था, जिससे पूरा सदन और पूरा देश आहत है। इसी श्रृंखला में हम आज इस सदन में चर्चा करने आए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि आधी आबादी को पहली बार आवास और मालिकाना अधिकार का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे देश में 4 करोड़ गरीबों को आवास दिए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश के 65 लाख परिवार शामिल हैं। सपा सरकार में ढाई वर्ष में एक भी आवास नहीं बना, बल्कि आपने केंद्र के प्रस्ताव का विरोध किया। डबल इंजन सरकार आने के बाद पिछले 9 वर्षों में 65 लाख आवास बनाए गए, जिनमें अधिकांश महिलाओं के नाम पर हैं। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार गरीबों को उनके मकान का पूर्ण मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है, वह भी मुख्य रूप से महिलाओं के नाम पर। पूरे देश में तीन करोड़ परिवारों को यह अधिकार मिला है, जिनमें से एक करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश में हैं। यह काम कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या अन्य दलों की सरकारें कभी नहीं कर पाईं, लेकिन एनडीए सरकार ने किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनते ही हमने नारी उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। सबसे पहले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की गई, ताकि गरीब परिवार अपनी बेटी की शादी को लेकर चिंतित न रहें। बेटी किसी भी जाति-धर्म की हो, वह सबसे पहले प्रदेश की बेटी है। कन्यादान में माता-पिता के साथ सरकार का प्रतिनिधि भी शामिल होता है और जिलाधिकारी द्वारा निमंत्रण पत्र जारी किया जाता है। अब तक इस योजना के तहत 6 लाख बेटियों की शादी हो चुकी है। इसी प्रकार, कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए ₹25,000 का पैकेज दिया जा रहा है, जिसका लाभ 26 लाख बेटियों को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी ने इन दोनों योजनाओं का पुरजोर विरोध किया था। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने महिलाओं को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर किया है। उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हुए हैं, जिनमें आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पतन का मुख्य कारण शाहबानो प्रकरण में एक मुस्लिम महिला के साथ किया गया अन्याय और मौलवियों के सामने घुटने टेकने की उसकी मानसिकता थी। तीन तलाक के मुद्दे पर भी आपका महिला-विरोधी चेहरा साफ दिखा, जब प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लाए गए तीन तलाक कानून का आपने पुरजोर विरोध किया। दुनिया के अधिकांश इस्लामिक देश इस प्रथा को मान्यता नहीं देते, लेकिन आप देश को कठमुल्ला व्यवस्था की ओर ले जाना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल प्रकरण, स्टेट गेस्ट हाउस कांड, आजम खान, एसटी हसन और अबू आजमी जैसे नेताओं के महिला-विरोधी बयान स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि आप जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, लेकिन महिलाओं, दलितों और पिछड़ों के प्रति आपकी कोई सहानुभूति नहीं है। आप माफिया के सामने नतमस्तक होते हैं, लेकिन नारी गरिमा और न्याय की रक्षा करने में हमेशा विफल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप नारी गरिमा की बात करते हैं, लेकिन आपके शासनकाल में महिला सुरक्षा की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। वर्ष 2014 में बदायूं में दो नाबालिग चचेरी बहनों के साथ हुई अमानवीय घटना, 2016 में बुलंदशहर में सामूहिक बलात्कार, 2013 में चिनहट में 5 वर्षीय बालिका के साथ घटना, सुल्तानपुर बलात्कार व हत्या प्रकरण और हापुड़ में एसिड अटैक जैसी अनेक घटनाएं आपके समय में लगातार होती रहीं। तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बुलंदशहर सामूहिक बलात्कार को “राजनीतिक साजिश” बताया। इन घटनाओं पर आपके नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयान आज भी याद किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संबंधी अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय उनका सशक्तीकरण है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का परिणाम आज स्पष्ट दिख रहा है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ का नारा आम था।
















