हरिद्वार: उत्तराखंड सरकार राज्य में अपने पहले न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र को नए संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है। पहले यह प्लांट उधम सिंह नगर में प्रस्तावित था, जहां करीब 90 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी। लेकिन जमीन के बीच से रेलवे ट्रैक गुजरने के कारण NPCIL ने इसे तकनीकी रूप से अस्वीकार कर दिया।
जानकारी में मुताबिक
अब हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा भूमि चयन के बाद NPCIL की टीम तकनीकी परीक्षण करेगी और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस परियोजना से 1000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन की संभावना है, जबकि वर्तमान में उत्तराखंड की पीक बिजली मांग लगभग 2700 मेगावाट है। यानी अगर यह प्लांट बनता है, तो उत्तराखंड न सिर्फ अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर पाएगा, बल्कि दूसरे राज्यों को भी बिजली सप्लाई कर सकेगा।
खास बात यह भी है कि बुग्गावाला क्षेत्र पहले से ही निवेश का हॉटस्पॉट बन चुका है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद यहां जमीन के दामों में जबरदस्त उछाल देखा गया है, और इस परियोजना से इसमें और तेजी आ सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं कि ये प्रक्रिया अपने प्रारंभिक अवस्था में है, केंद्र सरकार के साथ मिलकर हमारा प्रयास रहेगा कि उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए।

















