पूर्व बर्धमान। पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया।
भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है।
उन्होंने कहा कि भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है।
टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं सरकारी निधि
सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)।
2017 से पहले यूपी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे।
















