खाड़ी में चल रहे तनाव और अमेरिका की धोखेबाजी के चलते ईरान ने एक बार फिर से इस स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया है। इस बीच दोनों देशों के बीच 10 दिवसीय सीजफायर की समय सीमा को डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बढ़ाए जाने के बाद भी ईरानी आईआरजीसी ने एक तेल टैंकर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये वारदात होर्मुज की खाड़ी में सुबह के करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। इस घटना को लेकर ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरशंस का कहना है कि इस हमले में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन आईआरजीसी ने ये गोलीबारी बिना किसी पूर्व चेतावनी के की है। वहीं ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी ने इस घटना को होर्मुज में ईरानी कानून को पूरी तरह से लागू करने का कदम करार दिया है।
ट्रंप बोले-मेरे पास अधिक समय नहीं है
वहीं ट्रंप लगातार ईरान पर दबाव की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीजफायर की तारीख की समयसीमा को बढ़ाते हुए सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा था, “हमारे पास ज्यादा समय नहीं है। ईरान के पास विकल्प है, उन्हें बातचीत करनी होगी।” उन्होंने सीजफायर बढ़ाने के बारे में कहा, “मैं ऐसा नहीं करना चाहता।” अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाने वाला अपना दौरा रद्द कर चुके हैं। ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर वाशिंगटन में सलाह-मशविरा कर रहे हैं।
अमेरिका की अस्वीकार्य हरकतों की वजह से टला है फैसला
ईरान की तरफ से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने स्टेट टीवी को बताया कि अमेरिका की “अस्वीकार्य हरकतों” की वजह से फैसला टला हुआ है। उन्होंने अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में लगाए गए ब्लॉकेड का जिक्र किया। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने एक्स पर लिखा, “हम धमकियों की छाया में बातचीत स्वीकार नहीं करते।” ईरान का कहना है कि उनके पास युद्धक्षेत्र में नई ताकत है जो अभी सामने नहीं आई है।

















