लंदन में एक बार फिर से यहूदियों के पवित्र स्थान पर हमला हुआ है। समुदाय के मन में भय पैदा करने का प्रयास किया गया। लंदन इस्लामिक कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है, ऐसा कई लोगों का कहना है। उनका यह भी कहना है कि पूरे यूरोप में यहूदियों के प्रति हिंसा का माहौल बढ़ रहा है। उनके धार्मिक अस्तित्व पर आक्रमण हो रहे हैं।
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद यहूदियों के खिलाफ हिंसा में तेजी आई है। यह हिंसा तब सबसे विकृत हुई, जब इजरायल 7 अक्टूबर 2023 को खुद पर हुए हमले के प्रतिकार के लिए तत्पर हुआ। विश्वविद्यालयों में जैसे बाढ़ आ गई थी। यूके में अभी भी यहूदियों के खिलाफ घृणात्मक अभियान चल रहे हैं। उनके आस्था के केंद्रों पर हिंसक हमले हो रहे हैं। रविवार को भी लंदन सिनेगॉग पर हमले का प्रयास किया गया।
मीडिया के अनुसार शनिवार की रात हैरो में केंटोन यूनाइटेड सिनेगॉग में खिड़की से कुछ ज्वलनशील पदार्थ के साथ एक बोतल फेंकी गई। कमरे से धुआं भी निकलता दिखा। इस विषय में यहूदी धर्मगुरु का कहना है कि लंदन में यहूदियों पर हमले करके उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है, मगर उन्होनें यह कहा कि वे सेतु बनाने का कार्य करते रहेंगे। यूके चीफ रब्बी एफरैम मिरविस ने कहा कि यूके के यहूदी समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा का अभियान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है, मगर हम इस बात का इंतज़ार नहीं कर सकते-और न ही हमें करना चाहिए-कि हालात और बिगड़ें, तभी हमें यह समझ आए कि हमारी पूरी सोसाइटी के लिए यह पल कितना खतरनाक है।
कीर स्टार्मर ने भी जताया क्षोभ
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी यहूदियों पर बढ़ते हमलों को लेकर क्षोभ व्यक्त किया है। 19 अप्रैल को उन्होंने कहा कि लंदन में जिस प्रकार से यहूदी प्रार्थना घरों पर हमले हो रहे हैं, वे बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे। जो लोग भी यह कर रहे हैं, उन्हें दंड अवश्य मिलेगा। स्टार्मर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि वे इन घटनाओं को लेकर अचंभित हैं। यह बेहद घिनौना है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे यहूदी समुदाय पर हमले, ब्रिटेन पर हमले हैं। अपराधियों को पकड़ने की हमारी कोशिशें तब तक जारी रहेंगी, जब तक वे पकड़े नहीं जाते।
कौन हो सकता है इन हमलों के पीछे?
लंदन की पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यहूदियों के खिलाफ हो रहे निरंतर हमलों के पीछे आखिर कौन हो सकता है? उत्तर पश्चिमी लंदन में जो हाल ही में घटनाएं हुई हैं, वे ईरानी छद्म समूहों द्वारा तो नहीं की गई हैं? SITE इंटेलिजेंस ग्रुप के अनुसार, एक कम-ज्ञात समूह—हरकत अशब अल-यामीन अल-इस्लामिया (HAYI)—जिसके ईरान से संबंध हैं, ने हाल के कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।
ऐसा भी दावा किया जा रहा है कि इस समूह ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह यह दावा कर रहा है कि इजरायल का लंदन दूतावास उसके निशाने पर है और उस पर ड्रोन से हमला किया जाएगा। वहीं कुछ पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि कई बार ऐसी घटनाओं को करने वाले लोग पैसा लेकर यह अपराध करते हैं और हमले के उद्देश्य से उनका कोई लेना-देना नहीं होता है। उनका यह भी कहना है कि मध्य एशिया में जब से तनाव और तेज हुआ है, तब से पुलिस इस बारे में सजग है कि कहीं ईरानी प्रभाव यूके में बढ़ तो नहीं रहा है। यूके की सरकार भी पहले ईरान पर यह आरोप लगा चुकी है कि वह उसके देश में छद्म हमले करा रहा है और वहां के समुदायों के बीच दूरी बढ़ा रहा है।
दो किशोरों की हुई है गिरफ्तारी
इस हमले को लेकर लंदन पुलिस ने दो किशोरों को गिरफ्तार किया है। एक किशोर पर आगजनी का आरोप लगाया गया है। मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर मैट ज्यूक्स ने कहा कि ये नई गिरफ्तारियां यह बताती हैं कि कैसे भाड़े के लोग बिना किसी मजबूत कारण के हमला करते हैं और ये पैटर्न तेजी से बढ़ रहा है। यूनाइटेड किंगडम समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ते देख रहा है। ऐसी हाल ही में कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक यहूदियों के नेतृत्व वाली एम्बुलेंस सेवा और एक पारसी भाषा के मीडिया आउटलेट पर हमला भी शामिल है।

















