भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रख्यात स्तंभकार बलबीर पुंज (76) का शनिवार शाम निधन हो गया। तबीयत खराब होने पर नोएडा के मेट्रो अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था और वह वेंटिलेटर पर थे। उन्होंने अपनी लेखनी से राष्ट्रहित के मुद्दों को स्वर दिया। पाञ्चजन्य के स्थापित लेखकों में उनका विशिष्ट स्थान था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
श्री बलबीर पुंज का जन्म 2 अक्टूबर 1949 को पंजाब के गुरुदासपुर जिले में हुआ था। परिवार दिल्ली में था। उनकी शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में ही हुई।
बाल्यकाल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े
बाल्यकाल में ही श्री पुंज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और कॉलेज जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दिल्ली ईकाई में प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी निर्वाहन किया।
कलम से निकली राष्ट्रवाद की गूंज
प्रख्यात विचारक, चिंतक और लेखक बलबीर 1997-98 से लेकर 2009-10 तक भारतीय जनता पार्टी के बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक रहे। यह काफी महत्वपूर्ण काल था, जब भाजपा ने अपने वैचारिक अधिष्ठान पर उस भवन की नींव रखी। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने राष्ट्रवादी अंग्रेजी समाचारपत्र मदरलैंड से शुरुआत की। उस समय अधिकतर अंग्रेजी समाचारपत्रों पर वामपंथियों का खासा प्रभाव था। पाञ्चजन्य के स्थापित लेखकों में उनका विशिष्ट स्थान था। पुंज की ने एन.यू.जे. में उपाध्यक्ष और महामंत्री भी रहे। श्री पुंज करीब 25 वर्षों तक इंडियन एक्सप्रेस समूह में कार्य किया। 1995 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस में सीनियर एडिटर के पद से त्यागपत्र देकर ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स में बतौर कार्यकारी संपादक के रुप में कार्य किया। 1998 में भारत सरकार ने श्री पुंज को भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बलबीर पुंज जी एक प्रसिद्ध लेखक होने के साथ-साथ प्रखर विचारक और सम्मानित बुद्धिजीवी थे। मीडिया के क्षेत्र में उनका योगदान बहुत सराहनीय रहा है। लोग उनकी लेखनी के कायल थे, जिससे राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता परिलक्षित होती थी । उनके संसदीय भाषणों में तथ्यों और मानवीय मूल्यों का भरपूर समावेश रहता था। बलबीर पुंज जी ने भाजपा को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास किए। विद्यार्थियों, पेशेवरों, विद्वतजनों और बुद्धिजीवियों को उन्होंने पार्टी से जोड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे गुजरात सहित कई राज्यों के प्रभारी रहे। उस दौर में उनसे हुए संवाद मेरे लिए अविस्मरणीय रहेंगे। उनके निधन से अत्यंत दुख हुआ है। शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और मित्रों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।












