भुवनेश्वर। ओडिशा के सोनपुर जिले के वीरमहाराजपुर में एक रैली के दौरान प्रभु श्रीराम के फोटो को फाड़े जाने के खिलाफ गुरुवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद द्वारा आहुत बंद का व्यापक प्रभाव दिखा। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया गया था। इस 12 घंटे के बंद के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
उल्लेखनीय है कि अंबेडकर जयंती के अवसर पर एक जुलूस के दौरान भगवान श्रीराम की तस्वीर फाड़े जाने की घटना को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इस घटना से आक्रोशित संगठनों ने बंद का आह्वान किया था । बताया जा रहा है कि इलाके को अशांत करने के लिए कुछ तत्वों ने यह साजिश रची थी। इस मामले में फोटो व वीडियो में आरोपित स्पष्ट देखे जाने के बावजूद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई न किये जाने के कारण यह बंद आहुत की गई थी ।

बंद का असर पूरे क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखा गया। बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, वहीं सरकारी और निजी कार्यालयों में भी कामकाज ठप रहा। स्कूल और कॉलेज भी दिनभर बंद रहे। सड़कों पर यातायात लगभग ठप रहा और सार्वजनिक परिवहन सीमित रूप से ही संचालित हुआ। बंद को सफल बनाने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर धरना और पिकेटिंग की। इसके चलते आम लोगों ने घरों में रहना ही उचित समझा और केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकले।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे । संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम करती रहीं। इस घटना की निंदा करते हुए आयोजकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी के नाम लेकर कुछ लोग इलाके में तनाव पैदा करने तथा सामाज में वैमनस्य बढाने के उद्देश्य से इस तरह का कार्य किया है ।











