ममता बनर्जी भाजपा की रणनीति से काफी परेशान हैं। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक जमीन पर बड़े पैमाने पर सेंधमारी की है। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने अपनी बढ़ते जनाधार से न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि असम, ओडिशा और बिहार में भी पकड़ मजबूत की है। भाजपा की नजर अब पश्चिम बंगाल पर टिक गई है।
अगर 2021 के पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव परिणाम में तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो पाते हैं कि भाजपा सोची-समझी रणनीति के तहत ममता बनर्जी के राजनीतिक जमीन पर प्रहार कर रही है। तृणमूल कांग्रेस ने गत चुनाव में 215 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सीटवार जीत का औसत 31878 मतों का था। इन 215 सीटों में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को 200 सीटों पर, कांग्रेस को पांच, भाजपा के सहयोगी आजसू को एक, इंडियन सेक्युलर फ्रंट को चार, माकपा को चार और निर्दलीय को एक सीट पर हराया था।
भाजपा से बढ़ते रसूख से परेशान ममता
अगर तृणमूल कांग्रेस के जीत के अंतर का विश्लेषण करें तो पाते हैं कि उसे चुनावी मैदान में पटखनी देना भाजपा के लिए कोई बहुत बड़ा राजनीतिक दांव नहीं है। भाजपा ने 2017 में उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी को पटखनी दी थी। 2024 में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की पड़ोसी राज्य ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल को मात दी है। 2024 में ही भाजपा ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद महा विकास अघाड़ी को करारी शिकस्त दी। ममता बनर्जी भाजपा के इसी बढ़ते राजनीतिक रसूख से परेशान और हैरान हैं।

दस हजार से कम मतों का अंतर
तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में 10,000 से कम मतों के अंतर से 37 सीटें जीती थी, जिसमे सभी सीटों पर भाजपा मुख्य मुकाबले में थी। 10 हजार से 15 हजार मतों के अंतर से 18 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, जिसमें 15 सीटों पर भाजपा और एक सीट पर भाजपा की सहयोगी आजसू मुख्य मुकाबले में थी। तृणमूल कांग्रेस 15 हजार से 20 हजार मतों के अंतर से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सभी सीटों पर मुख्य मुकाबले में भाजपा ही थी। 20 हजार से 25 हजार मतों के अंतर से 27 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, जिसमें सभी सीटों पर भाजपा ही मुख्य मुकाबले में थी।
25 हजार से कम मतों का अंतर
तृणमूल कांग्रेस ने 25 हजार से कम मतों के अंतर से 102 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें 99 पर भाजपा और एक पर इसकी सहयोगी आजसू दूसरे पायदान पर रही थी। अतएव भाजपा और इसके सहयोगी 100 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस से 25 हजार से कम मतों के अंतर से हारा था। भाजपा इस बार विशेष धयान देकर इन सीटों को अपने पाले में करने की कोशिश में है।
भाजपा का 177 सीटें जीतने का लक्ष्य
भाजपा 2021 में 77 सीट जीती थी और इसके नेता इस बार 177 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। भाजपा के लक्ष्य के पीछे इन्हीं 100 सीटों का आकड़ा हैं।

















